प्रदेश जल रक्षक संघ के बैनर तले सैकड़ों जलरक्षकों ने राज्य विधानसभा का घेराव किया। जलरक्षकों ने सरकार से उनके लिए स्थायी नीति बनाने की मांग की। प्रदर्शन के बाद संघ के प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर और सिंचाई एवं जन स्वास्थ्य मंत्री महेंद्र सिंह ठाकुर को मांग पत्र भी सौंपा।
जलरक्षकों ने पंचायतों में उनका शोषण करने के आरोप लगाते हुए समय पर मानदेय नहीं मिलने की बात भी मुख्यमंत्री को बताई। संघ के अध्यक्ष भूपिंद्र चंदेल ने कहा कि उन्हें अभी केवल 1750 रुपये मानदेय दिया जा रहा है।
यह महंगाई के इस दौर में बहुत कम है। उन्होंने कहा कि राज्य भर के करीब 6300 जलरक्षकों का भविष्य अंधकारमय हो गया है। लिहाजा, कर्मचारियों की तरह उनको भी निर्धारित अवधि के बाद नियमित किया जाए। पांच साल पूरा कर चुके जलरक्षकों को दैनिक वेतनभोगी कर्मचारी बनाया जाए।