शैक्षणिक सत्र 2017-18 से प्रदेश के 12 कॉलेजों में वोकेशनल डिग्री की पढ़ाई शुरू होगी। बीते साल बीवॉक शुरू करने के लिए पर्याप्त स्टूडेंट्स नहीं मिलने पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने साल 2017 से डिग्री शुरू करने का फैसला लिया था।
बैचलर इन वोकेशनल डिग्री के तहत रिटेल मैनेजमेंट और हास्पिटेलिटी एंड टूरिज्म विषय पढ़ाए जाएंगे। इंडस्ट्रियल ट्रेनिंग करवाने और प्लेसमेंट देने में कौशल विकास निगम मदद करेगा। बीवॉक शुरू होने से हिमाचल के विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा प्राप्त करने का रास्ता खुलेगा।
बीवॉक करने वाले स्टूडेंट्स भी बीए, बीएससी और बीकॉम करने वालों की तरह प्रतियोगी परीक्षाएं देने के लिए पात्र होंगे। इसके अलावा केंद्र, राज्य पब्लिक सर्विस कमीशन, स्टाफ सेलेक्शन कमीशन सहित इस तरह की अन्य संस्थाओं द्वारा ली जाने वाले परीक्षाएं दे सकेंगे।
वर्तमान शिक्षा प्रणाली से बेरोजगारों की भारी फौज ही तैयार हो रही है। इसमें जीवन यापन तथा जीवनोपयोगी मूलभूत सुविधाएं ग्रहण करने की भी गुंजाइश नहीं है। ऐसे में सरकार ने प्रदेश के विद्यार्थियों के लिए रोजगार प्राप्त करने में आसानी देने वाली डिग्री शुरू करने की पहल की है। वोकेशनल डिग्री के तहत छात्रों का कौशल विकास होगा।
इन कॉलेजों में होगी डिग्री
बिलासपुर, चंबा, हमीरपुर, धर्मशाला, ढलियारा, कुल्लू, मंडी, एक्सीलेंस कॉलेज संजौली, रामपुर, सोलन, नाहन और ऊना डिग्री कॉलेजों में वोकेशनल डिग्री शुरू की जाएगी। एक विषय में अधिकतम 40 छात्रों को प्रवेश दिया जाएगा।
एक साल में दो सेमेस्टर होंगे। तीन साल की डिग्री में छह सेमेस्टर होंगे। अगर कोई एक साल की पढ़ाई ही करता है तो उसेे डिप्लोमा दिया जाएगा। दो साल की पढ़ाई करने वालों को एडवांस डिप्लोमा और तीन साल की पढ़ाई करने वालों को डिग्री दी जाएगी।