शुक्रवार से शुरू हो रही स्कूल शिक्षा बोर्ड की परीक्षाओं के लिए तैनात केंद्र अधीक्षक और उप अधीक्षक को हटाने पर बवाल मच गया है। वहीं, जिन स्कूल केंद्र अधीक्षकों को हटाया गया है, उनका कहना है कि उन्हें अब ऐसे स्कूलों में भेजा जा रहा है, जहां का विकल्प उन्होंने नहीं दिया है।
बोर्ड परीक्षा में ड्यूटी के लिए प्रत्येक अध्यापक से पांच-पांच स्कूलों का विकल्प मांगा गया था, लेकिन अब जिन केंद्रों से हटाकर दूसरे सेंटरों में भेजा जा रहा है, उनका विकल्प आवेदन के समय उन्होंने नहीं दिया है। स्कूल शिक्षा बोर्ड की इस कार्यप्रणाली से शिक्षा विभाग से खूब खलबली मच गई है।
शिक्षा विभाग में सेवाएं दे रहे अध्यापकों और प्राध्यापकों ने शिक्षा बोर्ड के इस तरह के फरमानों का कड़ा विरोध जताया है। हिमाचल प्रदेश पदोन्नत स्कूल प्रवक्ता संघ के जिला अध्यक्ष केवल ठाकुर, प्रदेश महासचिव यशवीर जंवाल, वरिष्ठ उपाध्यक्ष रतनेखर सलारिया और प्रदेश उपाध्यक्ष हरिमन शर्मा ने अचानक केंद्र अधीक्षकों और उप अधीक्षकों को बदलने का विरोध किया है।
वहीं, हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड के प्राइवेट स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगाने के फरमान फाइलों में दबकर रह गए हैं। हमीरपुर के एक दर्जन प्राइवेट स्कूलों ने बोर्ड परीक्षाओं के केंद्र स्थापित करने के लिए आवेदन किया था। जिन प्राइवेट स्कूलों ने सीसीटीवी कैमरे नहीं लगाए थे, बोर्ड प्रबंधन ने कंडिशनल परीक्षा केंद्र आवंटित करते हुए परीक्षा शुरू होने से सात दिन पूर्व सीसीटीवी कैमरे स्थापित करने के निर्देश दिए थे, लेकिन प्राइवेट स्कूल प्रबंधन ने बोर्ड के इन आदेशों का पालन करने के बजाय परीक्षा केंद्र अधीक्षकों को ही बदलने की मांग कर डाली।
स्कूल लेक्चररों का कहना है कि कुछेक प्राइवेट स्कूल प्रबंधकों ने राजनीतिक रसूख का इस्तेमाल करते हुए संबंधित स्कूलों में बोर्ड की ओर से तैनात किए गए परीक्षा केंद्र अधीक्षक और उप केंद्र अधीक्षकों को हटवाकर अपने चहेतों को नियुक्त करवा लिया है। 3 मार्च को प्रदेश भर में दसवीं और बारहवीं समेत तमाम बोर्ड कक्षाओं की परीक्षाएं शुरू हो रही हैं,
लेकिन परीक्षा से एक दिन पूर्व परीक्षा केंद्र अधीक्षक और उप अधीक्षक को ही बदल दिया गया। इसकी हमीरपुर समेत पूरे प्रदेश में खासी चर्चा हो रही है। इधर, उच्च शिक्षा विभाग के उपनिदेशक सोमदत्त सांख्यान ने कहा कि हमीरपुर के दस स्कूलों ने बोर्ड परीक्षाओं में परीक्षा केंद्र स्थापित करने के लिए आवेदन किया है। कितने स्कूलों में सीसीटीवी कैमरे लगे हैं, इसकी जानकारी नहीं है।