कॉलेजों में शुरू होने वाले नए शैक्षणिक सत्र के साथ ही एसएफआई की जिला इकाई ने पूरे दो माह तक कॉलेजों में छात्र हितों की मांगों को मनवाने के लिए शुरू किए जाने वाले आंदोलन का खुलासा कर दिया है। इसमें जेल भरो आंदोलन भी शामिल है।
जिला अध्यक्ष दिनित दैंटा ओर शहरी सचिव रमन सहित सहित राज्य सह सचिव चंद्रकांत वर्मा ने बताया कि विवि में पिछले 85 दिन से छात्रों की आम समस्याओं को लेकर चल रहे 48 घंटे के क्रमिक अनशन के समर्थन में दो जुलाई को जिले भर के कॉलेजों में धरने प्रदर्शन होंगे।
इससे पूर्व एक जुलाई को कॉलेजों में प्रवेश लेने से वंचित रहे छात्रों को प्रवेश दिलवाने की मांग को लेकर आंदोलन किया जाएगा। उन्होंने भूख हड़ताल के समर्थन में पूरे प्रदेश भर के कॉलेजों में भी आंदोलन उग्र रूप लेगा। वीसी हटाओ, विवि बचाओ के आंदोलन को भी उग्र किया जाएगा।
1 से 6 अगस्त तक जिला भर के कॉलेजों में तरह तरह की आंदोलनात्मक गतिविधियां कर दबाव बनाए जाएगा कि छात्रों की मांगें पूरी हों। नेताओं ने कहा कि आज प्रदेश सरकार और विवि की नीतियों के चलते प्रदेश के लाखों छात्रों का भविष्य दांव पर लगाया गया है। फीस में कई गुणा बढ़ोतरी कर और इसके खिलाफ उठने वाली आवाज को दबाने को छात्र संघ चुनाव पर प्रतिबंध लगाने की साजिशों के खिलाफ आने वाले समय में उग्र आंदोलन होगा। आंदोलन के बावजूद यदि मांगें नहीं मानी गईं तो, एसएफआई विवि में आमरण अनशन भी शुरू कर सकती है, इसके लिए सरकार और कुलपति जिम्मेदार होंगे।
ये रहेगी आंदोलन की रूपरेखा
1 जुलाई कॉलेज में छात्रों के प्रवेश को जिला भर में प्रदर्शन, 2 जुलाई को एचपीयू में चल रहे 48 घंटे के आंदोलन के समर्थन में धरना, 3 से आठ जुलाई जिला के कॉलेजों में हस्ताक्षर अभियान, 9 जुलाई को धरना, 11 जुलाई को सदस्यता अभियान, 14 जुलाई को तीन घंटे का कॉलेज में धरना होगा, 15 से 18 जुलाई को जेल भरो आंदोलन, 19 से 23 जुलाई चौराहे पर सभाएं, 25 को मुख्यमंत्री को सौंपे जाएंगे मांग पत्र, और 26 से 30 जुलाई तक जन प्रतिनिधियों के माध्यम से छात्र समस्याएं उठाई जाएगी, 1 से 5 अगस्त तक चक्का जमा होगा जबकि 6 अगस्त को पूरे प्रदेश भर में काला दिवस मनाया जाएगा।