डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया से सीटें बढ़ाने को न तो अभी मंजूरी नहीं मिली है। तय की गई तिथि तक ही अभ्यर्थियों को सरकारी और निजी डेंटल कॉलेजों में प्रवेश के लिए आवेदन करना होगा।
आवेदन की प्रक्रिया विवि की ओर से नए सत्र के लिए ऑनलाइन जारी किए गए प्रोस्पेक्टस में दी जाएगी। मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में नए सत्र में प्रवेश के लिए 29 जून तक चलने वाली आवेदन प्रक्रिया के बाद तीस को आवेदन की छंटनी होगी।
30 को ही भरे गए ऑनलाइन आवेदन फार्म में अभ्यर्थी अपडेटशन और सुधार भी कर सकेंगे, मगर इस तिथि को कोई नए आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद मेरिट के अनुसार काउंसलिंग का शेड्यूल अलग से जारी किया जाएगा।
विश्वविद्यालय की ओर से लागू किए गए आरक्षण रोस्टर के मुताबिक अनुसूचित जाति को 85, अनुसूचित जनजाति को 45, दिव्यांग को 28, ओबीसी को 14, सैनिक के बच्चों को 6, सैनिक को 6, स्वतंत्रता सेनानी के वार्ड को 6, पिछड़ा क्षेत्र को 13, सिंगल गर्ल चाइल्ड को 6, जम्मू-कश्मीर माइग्रेंड की एक, आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को 57, एनआरई को 20 जबकि सामान्य वर्ग ओपन वर्ग से 284 सीटें भरी जानी हैं।
मेडिकल कॉलेजों में भरी जाएंगी 120-120 सीटें: डॉ. रवि शर्मा
निदेशक चिकित्सा शिक्षा डॉ. रवि शर्मा ने माना कि मेडिकल और डेंटल कॉलेजों में प्रवेश को आवेदन और काउंसलिंग शेड्यूल जारी कर दिया गया है। एमसीआई से मंजूरी मिलने के बाद सभी मेडिकल कॉलेजों में 120-120 सीटें कुल 720 सीटें नए बैच में भरी जानी हैं। डेंटल कॉलेज की सीटें बढ़ाने पर जल्द स्थिति साफ हो जाएगी। कमेटी के सदस्य और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य डॉ. आशु गुप्ता का कहना है कि बुधवार को डीसीआई से सीटें बढ़ाए जाने पर फैसला आएगा। इसमें सरकारी डेंटल कॉलेज में 60 की जगह 75 सीटों को भरने को मंजूरी मिलने की पूरी उम्मीद है।