फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

एम्स के एमबीबीएस पाठ्यक्रम में नया विषय होगा लागू, सभी छात्रों को पास करना होगा अनिवार्य

Tue, 25 Jun 2019 08:47 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, ऋषिकेश
विज्ञापन
- फोटो : प्रतीकात्मक तस्वीर
विज्ञापन

अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान ऋषिकेश में मेडिकल छात्रों को मेडिकल शिक्षा के साथ ही व्यावहारिकता का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके लिए सिलेबस में एक विषय जोड़ा जाएगा। डिपार्टमेंट ऑफ मेडिकल एजुकेशन को एम्स प्रशासन की ओर से नया विषय जोड़ने की जिम्मेदारी दी गई थी। विभाग की ओर से एमबीबीएस के पाठ्यक्रम के लिए नया सिलेबस तैयार किया जा चुका है। जल्द इसे पाठ्यक्रम में शामिल कर नए सत्र से लागू कर दिया जाएगा। 

विज्ञापन


एम्स में वर्ष 2012 में एमबीबीएस प्रथम बैच का सत्र प्रारंभ हो गया था।  2013 में अस्पताल में ओपीडी शुरू की गई थी। संस्थान में मेडिकल व नॉन मेडिकल की कुल सीटें करीब 1000 से अधिक हैं। इसमें से एमबीबीएस में प्रत्येक सत्र में 100, बीएससी नर्सिंग में प्रति सत्र 100 और एमडी-एमएस में कुल 300 सीटें हैं। वहीं अन्य पाठ्यक्रम में जैसे पीएचडी, पीडीसीसी व अन्य डिप्लोमा कोर्स शामिल हैं।

एम्स निदेशक प्रोफेसर रवि कांत ने बताया कि बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के उद्देश्य से संस्थान के सभी स्टूडेंट्स को व्यावहारिकता का पाठ पढ़ाया जाएगा। इसके लिए सिलेबस में एक नया सब्जेक्ट जोड़ा जाएगा। इस सिलेबस में विद्यार्थियों को मरीजों के साथ व्यवहार कुशलता का पाठ पढ़ाया जाएगा।
विज्ञापन


इससे अस्पताल में आने वाले मरीज व उनके तीमारदार असहज महसूस न करें। संस्थान एमबीबीएस में इस सब्जेक्ट को शामिल करने और इसके पठन-पाठन के साथ ही बाकायदा अन्य विषयों की तरह इस विषय की परीक्षा भी लेगा। इसे सभी स्टूडेंटों को पास करना अनिवार्य होगा। इसमें ग्रेडिंग सिस्टम भी लागू होगा। 

विज्ञापन

मरीजों की परेशानियां समझेंगे स्टूडेंट्स

एम्स निदेशक ने बताया कि मेडिकल की पढ़ाई में शामिल किए जा रहे व्यावहारिक विषय को स्टूडेंट्स के व्यावहारिक ज्ञान को बढ़ाने के लिए शामिल किया जाएगा। यह मेडिकल के क्षेत्र में अपने आप में खास विषय होगा।

हालांकि मेडिकल काउंसिल आफ इंडिया (एमसीआई) ने मानव व्यवहार को लेकर एटकन मॉड्यूल तैयार किया है, मगर एम्स ऋषिकेश का सब्जेक्ट मॉडल इस मामले में ज्यादा कारगर व उपयोगी होगा। इसमें मेडिकल स्टूडेंट्स मरीजों की परेशानियों को बेहतर तरीके से समझ सकेंगे। इससे एम्स व संस्थान के चिकित्सकों के प्रति लोगों का विश्वास और बढ़ेगा।

स्टूडेंट्स के व्यवहार की रिपोर्ट भी होगी तैयार
स्टूडेंट्स को मरीजों के साथ व्यावहारिक संबंधों की प्रगाढ़ता के बारे में विषय पढ़ाया जाएगा। इसमें इंटरपर्सनल स्किल के तहत मरीजों का सही परीक्षण कर बीमारी के मुताबिक दवाइयां लिखना होगा।

360 डिग्री इवोलेशन में स्टूडेंट्स की व्यावहारिक रिपोर्ट उनसे जुड़े शिक्षक तैयार करेंगे, साथ ही मरीज व अन्य संस्थागत कर्मचारियों से भी स्टूडेंट्स के व्यवहार की रिपोर्ट मांगी जाएगी। इसमें दोनों ही रिपोट्स का अलग-अलग महत्व होगा।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें