एलाइड परीक्षा में बैठे सुनील, राम कुमार, हर्ष चंद, मनोज सहित अन्य अभ्यर्थियों ने बताया कि तीन मई को परिणाम घोषित होने के बाद कई अभ्यर्थी मेन की तैयारी में जुट गए हैं। अब दस दिन बाद कई अभ्यर्थियों को पता चल रहा है कि वे भी प्रारंभिक परीक्षा में पास हो गए हैं। ऐसे में मुख्य परीक्षा की तैयारी में पिछड़ गए हैं। एक ही परीक्षा का परिणाम दो बार घोषित करने से आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है।
सामान्य वर्ग की मेरिट को छू रहे थे ये अभ्यर्थी
आरक्षित वर्ग में आवेदन करने पर फीस सहित आयु और शैक्षणिक योग्यता में अर्जित अंकों में छूट दी जाती है। एलाइड सर्विसेज 2018 में एसटी के लिए कोई भी पद आरक्षित नहीं था। फिर भी कई अभ्यर्थियों ने मात्र फीस की छूट पाने के लिए एसटी में आवेदन किया था, लेकिन उन्होंने शैक्षणिक योग्यता में अंक और आयु में छूट नहीं ली थी। ऐसे में परीक्षा में अनारक्षित वर्ग के अभ्यर्थियों के बराबर अंक लेने पर इन्हें पहले ही पास घोषित किया जाना चाहिए था।
एलाइड-2018 परीक्षा में एसटी वर्ग के लिए कोई भी सीट आरक्षित नहीं थी। एसटी के अभ्यर्थियों को सामान्य वर्ग में ही आवेदन करना चाहिए था। फिर भी एसटी में आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को सामान्य वर्ग में शामिल किया गया है। एसटी के जिन अभ्यर्थियों ने सामान्य वर्ग की मेरिट के बराबर अंक लिए हैं, उन्हें परीक्षा में पास घोषित कर दिया गया है। - एकता काप्टा, सचिव, प्रदेश लोक सेवा आयोग