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नगरोटा सूरियां में केंद्र सरकार के खिलाफ रोष मार्च, ये है वजह

Fri, 30 Mar 2018 10:06 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो, नगरोटा सूरियां (कांगडा)
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नाइजीरियन लुटेरों की कैद से कांगड़ा के तीन युवकों की रिहाई में हो रही देरी पर स्थानीय लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। वीरवार को लोगों ने केंद्र सरकार की लेटलतीफी के चलते नगरोटा सूरियां में रोष मार्च निकाला। 

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रोष प्रदर्शन कर रहे नवभारत एकता दल के सदस्यों ने केंद्र सरकार से तीनों युवकों को छुड़वाने की मांग उठाई। दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष पीसी विश्वकर्मा की अगुवाई में प्रदर्शनकारियों ने बीडीओ नगरोटा सूरियां के माध्यम से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, विदेश मंत्री सुषमा स्वराज और नाइजीरिया के राजदूत के नाम ज्ञापन सौंपा। 

उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अभी तक लापरवाही ही दिखा रही है, जबकि जिन घरों के चिराग बंधक हैं, उनकी पीड़ा कोई नहीं समझ रहा। वहीं, ग्रुप कैप्टन सुशील कुमार के पिता व परिवार परेशान हैं। 
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युवाओं की रिहाई के लिए प्रार्थनाएं की जा रही हैं। सुशील के पिता रघुवीर सिंह ने बताया कि 22 लाख की फिरौती को वह भी देने को तैयार हैं मगर संपर्क तो सरकार ही कर सकती है। 

उन्होंने कहा कि सरकार पहले भी सुस्ती दिखाकर 39 भारतीयों को सुरक्षित रिहा नहीं करवा पाई। इससे सीख लेते हुए केंद्र सरकार नाइजीरिया सरकार पर दबाव बढ़ाकर और संपर्क कर फिरौती देकर या कमांडो कार्रवाई से जल्द बंधकों को छुड़ाए।

उधर, जवाली के सुगनाड़ा निवासी सुशील कुमार के परिजन  एसडीएम जवाली अरुण कुमार से मिले। उन्होंने सुशील कुमार की रिहाई के लिए एसडीएम जवाली के माध्यम से विदेश मंत्री सुषमा स्वराज को ज्ञापन भेजा। 

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शिपिंग कंपनी से हो रही बात : शांता

नाइजीरिया में लुटेरों की ओर से बंधक बनाए गए युवकों के परिजन एक बार फिर से सांसद शांता कुमार से मिले। परिजनों ने एक बार फिर युवकों को शीघ्र रिहाई की मांग उठाई है। 

शांता ने मलोग के अजय और नगरोटा के पंकज के परिजनों को आश्वस्त किया है कि केंद्र सरकार इस पर काम कर रही है। युवक जिस शिपिंग कंपनी में काम करते हैं, उस कंपनी से बात की जा रही है। जल्द ही इन युवाओं को छुड़ा लिया जाएगा।

वह लगातार इस मामले को विदेश मंत्री सुषमा स्वराज से उठा रहे हैं। वहीं अजय की बहन आशा का कहना है कि उन्हें अभी तक किसी का और कहीं से कोई फोन नहीं आया है।
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