हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय प्रशासन भले ही छात्रावासों को छोड़कर पूरे कैंपस में वाई फाई कनेक्टिविटी के दावे कर रहा हो, मगर वास्तव में कैंपस में ऐसी कोई सुविधा शुरू ही नहीं हो पाई है। कैंपस में प्रशासनिक भवन सहित कहीं भी वाई-फाई का सिग्नल नहीं है।
इसके लिए लगे उपकरणों ने अभी तक काम ही करना सही तरीके से शुरू नहीं किया गया है। ऐसे में न तो इस वाई- फाई सुविधा का लाभ छात्रों को मिल रहा है और न ही यहां के कर्मचारियों को। वाई-फाई सुविधा वाला कैंपस बनाए जाने के दावे अब तक खोखले ही साबित हो रहे हैं। अब तक जो सुविधा छात्रों को मिल रही है, उसे विवि हॉट स्पॉट के माध्यम से ही दे रहा है।
प्रशासनिक भवन और परीक्षा के दोनों भवनों में तो हालात इतने खराब हैं कि यहां पहले की तरह से मोबाइल पर कॉल तक कर पाना मुश्किल होता है। एक कॉल करने को कई बार नंबर मिलना पड़ता है, बीच में ही सिग्नल गुल हो जाता है। डिजिटल इंडिया की बात इस प्रदेश की सबसे बड़ी यूनिवर्सिटी में बेमानी लगती है। कब तक सही मायने में वाई- फाई चालू होगा, कब तक आम परिसर में घूमने वाले छात्र और कर्मचारी इस सुविधा का लाभ ले पाएंगे, इसको लेकर भी स्थिति साफ नहीं है।
नैक टीम के सामने उपलब्धि गिनाने तक समिति सुविधा
तीन से छह अक्तूबर तक विवि की ग्रेडिंग को आने वाले नैक की टीम के दौरे के मद्देनजर पहले से ही करीब दो साल लेट हो चुके कैंपस वाई फाई करने के इस प्रोजेक्ट के पूरा होने पर भी छात्रों को वाई फाई की सुविधा नसीब नहीं हो रही है। नैक टीम के दौरे के लिए सिर्फ एक उपलब्धि भर दर्शाने के लिए यह सुविधा देने के दावे किए जा रहे हैं तो यह सीधे तौर पर छात्रों से धोखा होगा।
हॉट स्पॉट के माध्यम से ही मिल रही सुविधा
तीन सितंबर को एचपीयू प्रशासन ने कैंपस के कुछ भवनों को हॉट स्पॉट के माध्यम से वाई फाई सुविधा का दावा किया था। इससे फिलहाल पुस्तकालय भवन, कुलपति कार्यालय और एमबीए जैसे विभागों के क्षेत्र में छात्र हॉट स्पॉट से इंटरनेट यूज कर पा रहे हैं। वाई फाई कैंपस करने में कैंपस को अभी कितना समय लगेगा और पूरा कैंपस और छात्रावास कब तक वाई फाई सुविधा से लेस होंगे, इस पर कोई स्थिति साफ नहीं है।