वहीं राजेश कुमार, पद्मा शर्मा, राजो कुमारी, कमलेश कुमार, वीनू देवी, उमा शर्मा, राकेश कुमार, सरोज देवी, मनोज कुमार, रमेश कुमार का कहना है कि एनआईओएस बोर्ड की वेबसाइट पर स्टडी सेंटर चेक किया तो अध्यापकों के होश उड़ गए। इनका कहना है कि जब अपने ब्लॉक में प्रशिक्षण केंद्र है तो 150 से दो सौ किलोमीटर दूर प्रशिक्षण लेने के लिए क्यों जाएं?
क्या कहते हैं अधिकारी
एनआईओएस क्षेत्रीय सेंटर धर्मशाला के निदेशक संजीव कुमार का कहना है कि डीएलएड अध्यापकों को स्टडी सेंटर देने का कार्य सर्व शिक्षा अभियान विभाग शिमला का है। उनको डीएलएड अध्यापकों को प्रशिक्षण के लिए नजदीकी स्टडी सेंटर देने चाहिए थे, जबकि बोर्ड ने अध्यापकों की लिस्ट ब्लॉक और जिला वाइज दी गई है।
अगर अध्यापकों के ब्लॉक में स्टडी सेंटर है तो उन्हें उसी ब्लॉक में प्रशिक्षण केंद्र उपलब्ध करवाना चाहिए। वहीं डीएलएड के स्टेट नोडल अधिकारी सुरेंद्र सिंह रंागटा का कहना है कि अगर एनआईओएस हमें अध्यापकों के प्रशिक्षण केंद्र बदलने के आदेश देता है तो हम बदल सकते हैं। उन्होंने बताया कि भौगोलिक स्थिति का पता न होने की वजह से ऐसा हुआ है।