राज्यसभा सांसद एवं पंजाब कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष प्रताप सिंह बाजवा ने राफेल डील पर मोदी सरकार को घेरा। धर्मशाला में प्रेस वार्ता के दौरान बाजवा ने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने राफेल डील की आड़ में देश का सबसे बड़ा घोटाला किया है।
45000 करोड़ के एनपीए वाली उद्योगपति अनिल अंबानी की कंपनी को फिर से उसके पैरों पर खड़ा करने के लिए मोदी सरकार ने सरकारी खजाने को 41,205 करोड़ की चपत लगाई।
सुई धागा बनाने का अनुभव भी नहीं होने वाली 12 दिन पुरानी अनिल अंबानी की कंपनी को आखिर मोदी सरकार ने किस मंशा से 130000 रुपये का ठेका दे दिया। कहा कि मोदी सरकार ने 526 करोड़ का लड़ाकू जहाज 1670 करोड़ रुपये में खरीदा।
यूपीए सरकार के दौरान 12 दिसंबर 2012 को खुली अंतरराष्ट्रीय बोली के अनुसार 126 राफेल लड़ाकू जहाज खरीदे गए थे। प्रत्येक लड़ाकू जहाज का मूल्य 526.10 करोड़ था। 18 लड़ाकू जहाज फ्रांस से बनकर आने थे।
108 लड़ाकू जहाज भारत की पब्लिक सेक्टर की 55 साल पुरानी कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड द्वारा ट्रांसफर ऑफ टेक्नालॉजी के तहत बनाए जाने थे। इस मूल्य पर 36 लड़ाकू जहाजों की कीमत 18,940 करोड़ आई थी।
10 अप्रैल 2015 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने फ्रांस में 1670.70 करोड़ प्रति लड़ाकू जहाज खरीदने की डील कर दी। मोदी ने 60145 करोड़ में 36 राफेल जहाजों की ऑफ द शेल्फ इमरजेंसी खरीद की घोषणा कर दी।
इसे देश को 41205 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ। बाजवा ने पूछा राफेल डील के दौरे में पीएम अनिल अंबानी को साथ क्यों ले गए थे। संसद में पीएम ने राफेल डील का खरीद मूल्य क्यों छुपाया।