फीस बढ़ोतरी के विवाद और हाईकोर्ट की फटकार के बाद महर्षि मार्कंडेश्वर विश्वविद्यालय एक बार फिर चर्चा में है। अब एमबीबीएस सीटों की फीस बढ़ाने के प्रस्ताव पर रिव्यू शुरू हो गया है। फीस रिव्यू कमेटी ने आम लोगों से सुझाव और आपत्ति भेजने को कहा था।
इसके बाद कमेटी ने आए सुझावों और आपत्तियों पर चर्चा भी शुरू कर दी है। रिव्यू के दौरान कुछ अभिभावकों ने फीस बढ़ाने का विरोध जताया है। कमेटी अभी किसी अंतिम फैसले पर नहीं पहुंची है। सूत्रों की मानें तो एमएमयू के फीस बढ़ाने के प्रस्ताव पर फीस रिव्यू कमेटी के सदस्यों हामी भर दी है।
इसके बाद संभावना है कि चालू सत्र के दौरान विवाद के बाद एडमिशन लेने वाले विद्यार्थियों की फीस भी दो लाख रुपये तक बढ़ सकती है। दरअसल, इस साल काउंसलिंग पूरी होने के बाद जब स्टेट कोटे से चुने गए बच्चे एमबीबीएस में प्रवेश के लिए एमएमयू गए थे तो प्रबंधन ने फीस बढ़ाने तक एडमिशन न लेने की बात कही थी। मामला सरकार तक पहुंचा, लेकिन सरकार कोई ठोस कदम नहीं उठा सकी।
इस बीच, अभिभावक हाईकोर्ट चले गए जहां कोर्ट ने एक तरफ एमएमयू को प्रवेश लेेने के निर्देश जारी कर दिए। वहीं, दूसरी ओर सरकार को फीस रिव्यू करने के लिए निर्देश दे दिए। साथ ही अभिभावकों को भी कह दिया कि वह हलफनामा दे कि अगर रिव्यू कमेटी बीच सत्र में फीस बढ़ाती है तो बढ़ी फीस उन्हें मंजूर होगी। बच्चों के भविष्य को देखते हुए अभिभावकों ने हलफनामा दे दिया। अब अगर रिव्यू कमेटी फीस बढ़ाने को मंजूरी दे देती है तो अभिभावकों को इसी सत्र में बढ़ी फीस को जमा करना होगा।