आर्किटेक्चर में डिप्लोमा करने वाले विद्यार्थी अब डिग्री कोर्स के लिए पात्र होंगे। केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्रालय ने नेशनल आर्किटेक्चर काउंसिल को इसके लिए मंजूरी देते हुए अधिसूचना जारी कर दी है। मंत्रालय के इस फैसले से देश के इंजीनियरिंग, आर्किटेक्चर कॉलेजों में तीन वर्षीय आर्किटेक्चर डिप्लोमा कोर्स करने वाले हजारों छात्रों को बड़ी राहत मिली है। राजीव गांधी इंजीनियरिंग कॉलेज नगरोटा बगवां के अधीन चल रहे स्कूल ऑफ आर्किटेक्चर के एचओडी डॉ. सतीश कटवाल ने इसकी पुष्टि की है
वर्तमान में देशभर के सैकड़ों शिक्षण संस्थानों में आर्किटेक्चर में तीन साल के डिप्लोमा और पांच वर्षीय डिग्री कोर्स चल रहे हैं। डिप्लोमा कोर्स में दाखिले के लिए मैट्रिक उत्तीर्ण और डिग्री कोर्स के लिए 12वीं पास होना अनिवार्य है। आर्किटेक्चर डिप्लोमा होल्डर सरकार से डिग्री कोर्स में लेटरल व डायरेक्ट एंट्री की मांग कर रहे थे। मंत्रालय ने 10वीं के बाद आर्किटेक्चर में 3 वर्षीय डिप्लोमा करने वाले छात्रों को 12वीं कक्षा के समकक्ष दर्जा देने का निर्णय लिया है।
इससे अब ये विद्यार्थी महाविद्यालयों में पांच वर्षीय आर्किटेक्चर डिग्री कोर्स के लिए पात्र होंगे, लेकिन डिग्री कोर्स के लिए कॉलेजों में दाखिले के लिए नेशनल एप्टीट्यूड टेस्ट इन आर्किटेक्चर (नाटा) में अपीयर होना अनिवार्य है। इससे पूर्व डिग्री कोर्स के लिए केवल बारहवीं कक्षा उत्तीर्ण कर नाटा परीक्षा में भाग लेने वाले विद्यार्थी ही पात्र थे। केंद्र के इस निर्णय से प्रदेश के भी हजारों विद्यार्थियों को राहत मिली है।
साल में दो बार होगी राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा
एमएचआरडी ने साल में दो बार नाटा परीक्षा करवाने का निर्णय लिया है। राष्ट्रीय स्तर की यह पात्रता परीक्षा अप्रैल और जुलाई में होगी। हिमाचल में सुंदरनगर पॉलीटेक्निकल और डॉ. बीआर आंबेडकर राजकीय महाविद्यालय अंबोटा, ऊना में तीन वर्षीय आर्किटेक्चर डिप्लोमा कोर्स और नगरोटा बगवां में डिग्री कोर्स चल रहे हैं।