भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी) मंडी का 7वां दीक्षांत समारोह आईआईटी कैंपस में शनिवार को मनाया गया। इसमें 22 पीएचडी स्कॉलर समेत 276 विद्यार्थियों ने हिमाचल के पारंपरिक परिधानों में डिग्रियां लीं। समारोह के मुख्य अतिथि पद्मभूषण बाबासाहेब नीलकंठ कल्याणी रहे।
वह वर्तमान में भारत फोर्ज लिमिटेड के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक भी हैं। उन्होंने कहा कि कभी सोचा नहीं था कि इतना शानदार परिसर हिमालय के बीच एक सुदूर घाटी में हो सकता है। आईआईटी मंडी बिजनेस इंक्यूबेटर (टीबीआई) कैटालिस्ट देश के कई भागों से उद्यमियों को आकर्षित करने में सफल रहे हैं और विभिन्न क्षेत्रों से अपने पोर्टफोलियो में 15 वाणिज्यिक एवं सामाजिक स्टार्टअप के बहुत नजदीक हैं।
खुशी जताई कि आईआईटी मंडी कमांद की महिलाओं को सक्षम बनाने की परियोजना (ईडब्ल्यूओके) को संचालित करता है, जो कि रोजगार की सूचना एवं स्थानीय महिलाओं को प्रशिक्षण अवसर प्रदान करने, उनकी योग्यता को साझा करने एवं सक्षम नियोक्ता के साथ उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए एक नेटवर्क के निर्माण की दिशा में कार्यरत है।
एससीएल मोहाली के लैब में प्रयुक्त 34 में 11 कैमिकल्स का स्वदेशीकरण
आईआईटी मंडी के निदेशक प्रो. टिमथी ए गोंजाल्विस ने कहा कि वर्तमान में आईआईटी फैकल्टी 110 करोड़ से अधिक के 225 प्रोजेक्ट पर काम कर रहे हैं। वर्ष 2018-19 में संस्थान ने 15.5 करोड़ से अधिक के 45 प्रोजेक्ट हासिल किए। आईआईटी ने 2012 में वीएलएसआई रेसिस्ट मटीरियल्स के लिए इंटेल (अमेरिका) से 315,000 डॉलर की राशि प्राप्त की।
2012 में अत्याधुनिक 22 नैनोमीटर (एनएम) प्राप्त किए। 2014 में 20 एनएम और 2018 में 10 एनएम हासिल किए। संस्थान ने एससीएल मोहाली के लैब में प्रयुक्त 34 में 11 कैमिकल्स का स्वदेशीकरण कर दिया। अध्यक्ष, बोर्ड ऑफ गवर्नेंस सुबोध भार्गव ने कहा कि बीटेक प्रोग्राम की छात्राओं की संख्या में 20.23 प्रतिशत वृद्धि हुई है।
उपराष्ट्रपति ने भेजा संदेश
संस्थान को दिए अपने संदेश में उपराष्ट्रपति एम. वेंकैया नायडू ने विद्यार्थियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि संस्थान अपने मोटो ‘स्केलिंग द हाइट्स’ के अनुरूप लगातार विद्यार्थियों की संख्या बढ़ा रहा है। राज्यपाल माननीय बंडारु दत्तात्रेय और मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने अपने संदेश में विद्यार्थियों को बधाई दी।