विश्वविद्यालय बीस नवंबर से पीजी डिग्री कोर्स की परीक्षाएं शुरू करने की तैयारी में है। वहीं विवि के दूरवर्ती शिक्षा केंद्र में पीजी कोर्स में अब तक दाखिले तक शुरू नहीं हो सके हैं। 27 अक्तूबर तक परीक्षा फार्म भरने की अंतिम तिथि तय की गई है।
इसका लाभ इक्डोल से पीजी कोर्स करने के लिए इंतजार कर रहे छात्रों को शायद ही मिले। विश्वविद्यालय के अंतरराष्ट्रीय दूरवर्ती शिक्षा एवं मुक्त अध्ययन केंद्र (इक्डोल) में पीजी कोर्स में प्रवेश का मामला अभी यूजीसी में ही लटका हुआ है।
हालांकि विश्वविद्यालय और इक्डोल प्रशासन यही आस लगाए बैठा है कि जल्द ही इक्डोल में पीजी कोर्स में प्रवेश को यूजीसी से अनुमति मिल जाएगी। अभी तक असमंजस की स्थिति ही बनी हुई है।
प्रदेश भर में हजारों की संख्या में छात्र छात्राएं इक्डोल से पीजी कोर्स में दाखिला शुरू होने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। इक्डोल से पिछले सत्र तक कुछ प्रेक्टिकल और रेगुलर कक्षाएं लगाने की अनिवार्य शर्त वाले पीजी कोर्स को छोड़ कर सभी में पीजी करवाता है। ऐसे करीब 17 से 18 कोर्स हैं।
इक्डोल में यूजीसी में दूरवर्ती शिक्षण संस्थानों को संचिलित करने के लिए बने डिस्टेंस एजूकेशन ब्यूरो ने नेक ग्रेडिग में 3.26 अंक प्राप्त करने की शर्त के चलते इक्डोल को फिलहाल नया बैच बिठाने के लिए मान्याता यूजीसी से नहीं मिल पाई है।
विवि का नेक ग्रेड अभी सिर्फ 3.21 है। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. सिकंदर कुमार स्वयं इक्डोल को बैच बिठाने को मान्यता दिए जाने का मामला मानव संसाधन विकास मंत्री केक समक्ष उठा चुके है।
इक्डोल निदेशक प्रो. कुलवंत पठानिया के मुताबिक पोर्टल के माध्यम से पूरी जानकारी और औपचारिकताओं के साथ मान्यता लेने के लिए आवेदन कर दिया गया है। उनका कहना है कि जल्द इस मामले को लेकर यूजीसी में बैठक होनी है, उसके बाद फैसला आ जाएगा और प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर दी जाएगी।
उनका कहना है कि पीजी कोर्स की प्रवेश की प्रक्रिया शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि वे स्वयं जल्द से जल्द यूजीसी से मान्यता दिलवाने के लिए प्रयास कर रहे है, इसके लिए वे यूजीसी के अधिकारियों से मिलकर मामला उठा चुके है।
सामान्य वर्ग के छात्रों के पास प्राइवेट डिग्री करने का होता एक मात्र विकल्प
पीजी डिग्री कोर्स में प्रथम सेमेस्टर में छात्राओं को प्राइवेट उम्मीदवार प्रवेश लेकर परीक्षा फार्म भर दिए है, मगर सामान्य वर्ग के छात्र जो रेगुलर प्रवेश नहीं पाते या नौकरी पेशा के कारण रैग्यूलर पीजी की पढ़ाई नहीं कर पाते। उनके पास इक्डोल से ही डिग्री करने का एक मात्र विकल्प रहता है। विवि में हर साल इक्डोल में हजारों छात्र कोर्स में प्रवेश लेते है।