कोरोना काल में बिगड़े हालात और कम हुई आमदनी के दौर में विवि के यूआईटी संस्थान (यूनिवर्सिटी इंस्टीट्यूट आफ टेक्नोलॉजी) ने विद्यार्थियों को झटका दिया है। संस्थान ने इवन सेमेस्टर की दिसंबर में ली जाने वाली फीस को हर हाल में 15 जून तक बिना लेट फीस जमा करवाने के फरमान जारी कर दिए हैं। तय समय सीमा में फीस जमा न करवाने पर विद्यार्थियों को पहले सात दिन तक एक हजार और इसके बाद के सात दिन में फीस जमा करवाने पर पांच हजार तक की लेट फीस अदा करनी होगी।
इस बार कोरोना के कारण हालात ठीक नहीं हैं। लेकिन संस्थान और विवि ने विद्यार्थियों को फीस में किसी तरह की रियायत नहीं दी है। संस्थान से बीटेक कोर्स कर रहे दूसरे, चौथे, छठे और आठवें सेमेस्टर के करीब एक हजार विद्यार्थियों को तय समय सीमा के भीतर करीब 48 हजार की फीस जमा करवानी ही पडे़गी। इससे छात्रों और उनके अभिभावकों पर एक मुश्त हजारों की फीस जमा करवाने का आर्थिक बोझ पड़ गया है।
विद्यार्थी विश्वविद्यालय से इस बार भी कोरोना महामारी से बने मुश्किल हालातों को देखते हुए फीस को कम किए जाने की मांग कर रहे है। विद्यार्थियों का कहना है कि पिछले वर्ष पांच हजार तक फीस कम की गई थी, लेकिन इस बार पूरी फीस जमा करवाने को कह दिया गया है। विद्यार्थियों का कहना है कि कोरोना के कारण इस बार कक्षाएं ऑनलाइन हुई है, संस्थान के खर्चे भी कम हुए है। इसलिए इस भारी भरकम फीस को कम कर उन्हें राहत दी जाए, जिससे वे समय से फीस जमा करवा सके।
दिसंबर माह में देय थी सेमेस्टर फीस: प्रो शर्मा
शिमला। यूआईटी संस्थान के निदेशक प्रो. पीएल शर्मा का कहना है कि कोरोना को देखते हुए दिसंबर माह में देय इवन सेमेस्टर की फीस को जून में लिया जा रहा है। विद्यार्थियों की ऑनलाइन कक्षाएं जारी रखी गई हैं। फीस जमा करवाने से संबंधित विस्तृत जानकारी विवि की वेबसाइट पर उपलब्ध करवाई गई है।