प्रदेश में लगातार बढ़ रहे कोरोना संक्रमण के मामलों के बीच एसएफआई ने एचपीयू के सितंबर तक यूजी के अंतिम सेमेस्टर की परीक्षाएं करवाने के फैसले का विरोध किया है। यूजीसी और प्रदेश सरकार के परीक्षा करवाने के फैसले के विरोध में छात्र संगठन ने शनिवार को शिक्षा निदेशालय के बाहर धरना-प्रदर्शन किया। एसएफआई की राज्य कमेटी के सचिव अमित ठाकुर और सह सचिव गौरव नाथन ने कहा कि सरकार परीक्षाएं करवाकर हजारों छात्रों और शिक्षक स्टाफ की जान जोखिम में डाल रही है।
प्रदेश में संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं, ऐसे में परीक्षाएं करवाने से किसी के भी संक्रमित होने की संभावना बनी रहेगी। उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षाएं करवाने के फैसले पर एक बार फिर विचार करे। अमित ठाकुर ने यूजीसी से परीक्षा के फैसले पर पुनर्विचार करने, शीघ्र किसी अन्य मूल्यांकन विकल्प के साथ परीक्षा से संबंधित असमंजस दूर करने, परीक्षा की जगह छात्र की पांच सेमेस्टर के नतीजों के आधार पर मूल्यांकन कर प्रमोट करने की मांग उठाई। कहा कि ऑनलाइन करवाए गए 4000 छात्रों के सर्वे में 93 फीसदी विद्यार्थियों ने परीक्षा के फैसले के खिलाफ मत दिया है।