पंजाब यूनिवर्सिटी एक साल में भी 26 शिक्षकों की भर्तियां नहीं कर पाया। सिंडिकेट ने इस पर दो बार अड़ंगा लगाया तो यह प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। आज पीयू के सामने आर्थिक संकट खड़ा है। इसके चलते अब भर्तियों की प्रक्रिया को आगे नहीं बढ़ाया जा रहा।
वहीं दूसरी ओर इन भर्तियों के लिए आवेदन किए एक हजार से अधिक लोग इंतजार कर रहे हैं। पीयू ने पिछले साल 26 शिक्षकों की भर्तियां निकाली थीं। यह सभी पद असिस्टेंट प्रोफेसरों के थे। जैसे ही यह प्रस्ताव सिंडिकेट में पहुंचा तो विरोध हो गया।
ये आरोप लगे
आरोप लगे कि जिन विभागों को शिक्षकों की आवश्यकता थी वहां पद ही नहीं निकाले गए। जहां अधिक शिक्षक तैनात थे वहां भर्तियां निकाली गईं।
जांच के लिए बनाई कमेटी
इस पर एक कमेटी बनाई गई और सभी विभागों के रिकॉर्ड देखने के लिए प्रस्ताव पास हुआ। एक कमेटी ने रिकॉर्ड देखा तो नौ शिक्षकों की भर्ती के लिए हरी झंडी मिली। इन नौ शिक्षकों की भर्तियों पर भी आगे चलकर अड़ंगा लग गया। दो या तीन ही शिक्षकों की भर्तियां होने जा रही थी। अभिलेखों की जांच चल रही थी, लेकिन अब यह प्रक्रिया लगभग बंद है।