अपने स्तर पर बिना प्रवेश परीक्षा के एमसीए में दाखिला देने के मामले में हिमाचल प्रदेश विवि ने पालमपुर के प्राइवेट कॉलेज को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कॉलेज को 2016 में एमसीए में बारह छात्रों को प्रवेश देने के मामले में स्थिति साफ करते हुए जवाब देना होगा।
कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान ने कहा कि एक सप्ताह के भीतर कॉलेज प्रशासन को विवि को लिखित में जवाब देना होगा। इसके बाद ही विश्वविद्यालय पूरे मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर इसकी जांच करवाएगा। उन्होंने मामले की रिपोर्ट ईसी में ले जाने का भी भरोसा दिया है।
मंगलवार को एसएफआई इकाई अध्यक्ष जीवन ठाकुर, उपाध्यक्ष विक्रम और सचिव अनिल नेगी ने कुलपति से मुलाकात की। विश्वविद्यालय के आर्डिनेंस और नियमों को दरकिनार कर 2016 में पालमपुर के एक निजी कॉलेज में एमसीए में बिना सेंटरलाइज्ड एंट्रेंस टेस्ट पास किए बारह छात्रों को प्रवेश देने के मामले की जांच की मांग की।
इन नेताओं ने गलत तरीके से किए गए प्रवेश को रद्द करने और कॉलेज की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई की मांग उठाई। इस पूरे प्रकरण में संलिप्त लोगों का पता लगाने के लिए जांच कमेटी बनाने की मांग भी उठाई।
इस पर कुलपति ने कार्यकर्ताओं को नोटिस का जवाब आने पर इसकी जांच करवाने का भरोसा दिया। इसमें एक कानूनी विशेषज्ञ को भी सदस्य बनाने की मांग मान ली।
अनिल नेगी ने कहा कि कुलपति ने इस मामले की जांच रिपोर्ट कार्यकारी परिषद में ले जाने का भरोसा भी दिया है। एसएफआई करीब दो माह से इस मामले को उठा रही है। शनिवार को विवि में प्रदर्शनकारी कार्यकर्ताओं और पुलिस व विवि सुरक्षा कर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई थी।