प्रदेश में इस बार भी 1586 सीटें खाली रह गईं हैं। एचपीयू स्थित शिक्षा विभाग और धर्मशाला में शिक्षा विभाग के शिक्षण संस्थान और संबद्ध सभी 73 निजी शिक्षण संस्थानों में प्रवेश की प्रक्रिया पूरी कर ली गई है।
बीएड काउसंलिंग कमेटी ने नए सत्र में दो वर्षीय बीएड कोर्स के लिए हुई काउंसलिंग प्रक्रिया का ब्योरा जारी किया है, जिसमें 7200 में से 1586 सीटें खाली रह गई हैं।
इनमें से भी 578 सीटें अब निजी कॉलेज अपने मैनेजमेंट कोटे के तहत भरेंगे। इन निजी बीएड कॉलेजों में मैनेेजमेंट कोटे की सभी सीटें भरे जाने के बाद भी 1008 सीटें फिर भी खाली रह जाएंगी।
एचपीयू की सेंट्रल काउंसलिंग कमेटी के फैसले के मुताबिक 24 अगस्त तक हर हाल में निजी कॉलेजों को मैनेजमेंट कोटे के तहत सीटें भरने की प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
काउंसलिंग कमेटी के समन्वयक प्रो. नयन सिंह ने बताया कि 78 फीसदी सीटें भरी जा चुकी हैं, निजी कॉलेजों की सिर्फ 22 फीसदी सीटें खाली रही हैं।
बीएड में प्रवेश के लिए आयोजित की गई प्रवेश परीक्षा में मेडिकल में 2127, नॉन मेडिकल में 3498 और कला व वाणिज्य संकाय में कुल 6359 ने क्वालीफाई किया था।
किस संकाय में कितनी सीटें बचीं
28 जुलाई से लेकर 13 अगस्त तक एचपीयू में आयोजित की गई काउंसलिंग प्रक्रिया में मेडिकल स्ट्रीम की कुल 1881 सीटों में से 1105 सीटें भरी गईं, जबकि 676 अभी तक खाली हैं।
वहीं नॉन मेडिकल में 1874 में से 1745 सीटें भरे जाने तक अब तक महज 129 सीटें और कला व वाणिज्य संकाय में कुल 3545 में से 2764 ही सीटें भरी गई हैं। जबकि 781 अभी तक खाली है।