फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कब निकलेगा चौथे, पांचवें सेमेस्टर का रिजल्ट

Fri, 01 Jul 2016 12:03 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
विज्ञापन
विज्ञापन
हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय भले ही सबसे पहले यूजी डिग्री कोर्स में रूसा सीबीसीएस लागू कर पहले 2013 में बैठे बैच के छठे सेमेस्टर का परिणाम घोषित कर पूरी डिग्री का रिजल्ट निकालने का दावा कर रहा है, मगर  अभी भी प्रदेश भर में ऐसे दोनों सेमेस्टर के  सैकड़ों छात्र हैं जिनका अब तक चौथे और पांचवें सेमेस्टर का ही रिजल्ट सेटल नहीं हुआ है।
विज्ञापन


इन दो सेमेस्टर परिणाम के मामले लटके होने के कारण उनका छठे सेमेस्टर का परिणाम निकाले जाने का कोई मतलब नहीं है। पूरी डिग्री का उनका ग्रेड कार्ड ही जेनरेट नहीं हो रहा है, जिससे वे कहीं भी आगे पीजी कोर्स में प्रवेश लेने को पात्र नहीं हो पा रहे है। इससे इनका एक साल पिछला रिजल्ट न होने के कारण बर्बाद होना तय है।

ये छात्र लगातार अपने कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में चक्कर काट चुके है। विवि में जा कर उन्हें जवाब मिलता है कि कॉलेज से अवार्ड नहीं पहुंचे वहीं कॉलेज से जवाब मिलता है कि यूनिवर्सिटी ने अवार्ड एंटर नहीं किए, इसमें कॉलेज ही जिम्मेदार है। ऐसे में ये सैकड़ों छात्र परेशान भटकने को मजबूर है।
विज्ञापन


धर्मशाला डिग्री कॉलेज पीटीए अध्यक्ष सत्येंद्र गौतम का कहना है कि छठे सेमेस्टर का परिणाम भी विवि ने देरी से घोषित किया है, जिससे छात्र बाहरी राज्यों में प्रवेश लेने से वंचित हुए है। अभी परिणाम घोषित हुआ है डिग्री ग्रेड कार्ड जेनरेट कर और उसकी मूल प्रति प्राप्त होने में समय लगना तय है।
विज्ञापन

तुरंत सेटल किए जा रहे हैं मामले: डॉ. जेएस नेगी

जिससे जिनका यूजी डिग्री परिणाम निकला भी है, वे भी परेशान है, मगर सबसे अधिक परेशान वो छात्र है जिनका एक एक साल से चौथे और पांचवें सेमेस्टर का परीक्षा परिणाम घोषित नहीं हो सका है। वजह चाहे अवार्ड एंट्री रहा हो, या फिर कोई और मगर इसमें भुगत भोगी छात्र ही हैं, जिसका पिछला परिणाम घोषित करने में हुई देरी के कारण परिणाम और डिग्री लटक गई है।

गौतम ने विवि प्रशासन और सरकार से जवाब मांगा है कि इस लापरवाही के कारण जो छात्रों का साल बर्बाद होगा, उसके लिए कौन जिम्मेदार है। उनका कहना है कि अभी सैकड़ों ऐसे मामले लटके हुए है। उन्होंने कहा कि डिग्री मान्यता और अन्य विश्वविद्यालय की जरूरत के मुताबिक डिग्री को प्रतिशत प्राप्तांक में परिणाम का मसला अभी तक विश्वविद्यालय ने नहीं सुलझाया है। उन्होंने विवि प्रशासन से देरी से आने वाले परिणाम के छात्रों को भी पीजी कोर्स में प्रवेश की व्यवस्था करे और लटके परिणाम सेटल करने की व्यवस्था करे।

विश्वविद्यालय के परीक्षा नियंत्रक डॉ. जेएस नेगी ने माना कि चौथे और पांचवें सेमेस्टर के बहुत से रिजल्ट अवार्ड एंट्री या अन्य जरूरी सूचना कॉलेज से न मिलने या एंटर न होने के कारण लटके हैं। उन्हें सेटल करने को कॉलेज वार मौका पहले भी दिया गया था और अभी भी छात्र स्वयं या कॉलेज अपने लटके मामलों के अवार्ड का ब्योरा विवि ला कर मौके पर सेटल करवाए।

हिमाचल प्रदेश राजकीय महाविद्यालय शिक्षक संघ हेग्टा के अकादमिक सचिव जोगेंद्र सकलानी का कहना है कि पहले 2013 बैच के पहले से छठे सेमेस्टर तक की सभी परीक्षाओं की उत्तर पुस्तिकाओं का उसी दिन मूल्यांकन कर, विवि को भेजने का कार्य किया। ताकि छात्रों को परिणाम पूरा और जल्द घोषित हो सके। जिनके परिणाम लटके है, उसमें विवि स्तर पर कोई कमी रही हो तो वे कुछ नहीं कह सकते हैं।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें