हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय परिसर में चल रहे एकीकृत हिमालयन अध्ययन संस्थान (आईआईएचएस) हिमालयन स्टडीज जल्द ही (इंटर डिसिप्लिनरी) अंत: विषय अध्ययन विभाग बनेगा। इसमें चलाए जा रहे और भविष्य में चलाए जाने वाले सभी कोर्सों के लिए एक अलग एन्वायर्नमेंट, डेवलपमेंट एंड सस्टेनेबिलिटी स्टडीज फैकल्टी बनेगा।
एचपीयू की ओर से भेजे गए प्रस्ताव को सरकार के विधि विभाग ने हरी झंडी दे दी है। इसके बाद मामला राजभवन में अंतिम मंजूरी के लिए भेजा गया है। जिसकी सूचना विवि को भी दी गई है। अब इसे राज्यपाल और विश्वविद्यालय के कुलाधिपति से मंजूरी मिलते ही आईआईएचएस अपने आप में एक अलग विभाग और फैकल्टी के रूप में कार्य करेगा।
इसके बाद विवि के अध्यादेश में संशोधन किया जाना है, जिससे यह अध्यादेश का हिस्सा बन जाएगा। इससे हिमालय अध्ययन संस्थान अपने आप में अन्य विभागों की तरह से एक अलग विभाग का दर्जा प्राप्त कर लेगा। इसके तहत पढ़ाए जाने वाले तमाम
कोर्स एक नई फैकल्टी के तहत चलेंगे। इस विभाग से डिग्री, डिप्लोमा भी प्रदान किए जाएंगे। आईआईएचएस में वर्तमान में चार पीजी डिग्री और डिप्लोमा कोर्स पढ़ाए जा रहे हैं और चार नए कोर्स शुरू किए जाने हैं। विभाग और फैकल्टी बनने पर ये नए कोर्स भी जल्द शुरू हो सकेंगे।
राजभवन से मिलनी है अंतिम मंजूरी: निदेशक
एकीकृत हिमालयन अध्ययन संस्थान (आईआईएचएस) के निदेशक प्रो. श्याम लाल कौशल का कहना है कि राज्यपाल और सरकार की मंजूरी के लिए प्रस्ताव भेजा गया था। सूचना है कि विधि विभाग से हरी झंडी मिल गई है, अब राज्यपाल और विवि के कुलाधिपति से इसे अंतिम मंजूरी मिलनी बाकी है। मंजूरी मिलने पर इसे विवि आर्डिनेंस में संशोधित कर शामिल किया जाएगा। इसके बाद ही संस्थान अलग विभाग के रूप में कार्य करेगा।
संस्थान में वर्तमान में चल रहे ये कोर्स
आईआईएचएस में वर्तमान में एमएससी एन्वायर्नमेंट साइंस, एमबीए ग्रामीण विकास, पहाड़ी मिनिएचर पेंटिंग, डिग्री और एक डिप्लोमा डिजास्टर मैनेजमेंट चल रहा है। बीते वर्ष इन कोर्स के छात्रों को डिग्री प्रदान करने को लाइफ साइंस, कॉमर्स एंड मैनेजमेंट और विजुअल आर्ट तथा सोशल साइंस के फैकल्टी के तहत दो साल के लिए डिग्री देने का ईसी से फैसला हुआ था। इसके तहत छात्रों को वर्तमान में डिग्री दी जा रही है और कोर्स करवाए जा रहे हैं।
विभाग बनने पर ये कोर्स होंगे शुरू
आईआईएचएस के विभाग और अलग फैकल्टी बन जाने पर यहां आर्कियोलॉजी, हिंदी पत्रकारिता, डिफेंस स्टडीज और ह्यूमन राइट जैसे डिग्री डिप्लोमा शुरू किए जाने हैं, इनका सिलेबस और विभिन्न अकादमिक तथा अन्य संस्थाओं से मंजूरी मिली हुई है।