स्टेट ट्रांसपोर्ट अथारिटी (एसटीए) ने सेक्टर-7 के सीएल अग्रवाल डीएवी स्कूल में बसों को चेक किया। शुक्रवार को तीन अलग अलग स्कूलों में एसटीए की टीमों ने 16 बसों की चेकिंग की। इस दौरान स्कूली बसों में कई खामियां मिलीं।
एसटीए ने स्कूल अथॉरिटी को निर्देश दिया है कि वे बसों की कमियों की तरफ ध्यान दें ताकि बच्चे सुरक्षित रहें। इन तीन स्कूलों की कुल 16 बसों की चेकिंग की गई है जिनमे सेक्टर-7 का सीएल अग्रवाल, सीआरबी स्कूल और सेक्टर-8 का डीएवी स्कूल शामिल है।
जिसमे एसटीएम की टीम को अधिकांश बसों में 30 दिन की सीसीटीवी फुटेज का डाटा नहीं मिली। इसके अलावा बसों के भीतर इमरजेंसी डोर के ऊपर जानकारी देने वाला प्रिंट नहीं मिला।
एसटीए को छह बसों के परिचालक ऐसे भी मिले जिन्होंने शर्ट पर अपनी नेम प्लेट नहीं लगा रखी थी। एसटीए ने 5 टाटा मैजिक के भी चालान काटे। इनमे एसटीए को बच्चों की ओवरलोडिंग मिली है।
मालूम हो कि यह चेकिंग बच्चों की सुरक्षा के लिए सेफ ट्रांसपोर्टेशन पॉलिसी को लागू करने के लिए किया जा रहा है। एसटीएम के अतिरिक्त निदेशक राजीव तिवारी ने कहा कि आगे भी यह अभियान जारी रहेगा।
स्कूलों की बसों की भी जांच की जाएगी। राजीव तिवारी ने कहा कि स्कूलों को फिलहाल मौखिक निर्देश दिया जा रहा है कि क्या क्या वायलेशन है, अगर वायलेशन नहीं हटाई जाती है तो बसों के परमिट रद्द कर दिए जाएंगे।