हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय ने एचपीयू से संबद्ध सरकारी, निजी मेडिकल और डेंटल कॉलजों में एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स के लिए आवेदन का शेड्यूल जारी कर दिया है। एचपीयू ने एनईईटी-यूजी 2017 क्वालिफाई करने वाले छात्र-छात्राओं से तीस जून से दस जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन मांगे हैं।
इसी आधार पर एचपीयू का प्रवेश परीक्षा विंग विवि से संबद्ध निजी और सरकारी कॉलेजों व सेंट्रलाइज्ड काउंसलिंग के तहत निजी विश्वविद्यालय की सीटों को भरने को काउंसलिंग करवाएगा। निदेशक चिकित्सा शिक्षा डा. अनिल चौहान की ओर से जारी अधिसूचना में साफ किया गया है कि आवेदन की अंतिम तिथि दस जुलाई तय की गई है। इसमें विवि की वेबसाइट www.hpuniv.nic.in www.admissions.hpushimla.in का लिंक खोल दिया है।
इसके माध्यम से एमबीबीएस/बीडीएस की स्टेट/मैनेजमेंट की सरकारी कॉलेजों की सीट के लिए आवेदन करना होगा। वहीं निजी मेडिकल और डेंटल कॉलेजों के नए सत्र 2017-18 के लिए प्रवेश को आवेदन करना होगा। इस आवेदन की प्रक्रिया में एनआरआई, जम्मू-कश्मीर से माइग्रेंट बच्चे, तिब्बती रिफ्यूजी नीट पास अपनी श्रेणी के लिए आवेदन कर सकते हैं।
30 जून से दस जुलाई तक लिंक खुला रहेगा। अधिसूचना में कहा गया है कि आवेदन आने के बाद एचपीयू नीट की आल इंडिया रैंकिंग के आधार पर श्रेणीवार मेरिट जारी करेगा। इन दोनों कोर्स के लिए काउंसलिंग शेड्यूल केंद्र सरकार के दिशा-निर्देशों के मुताबिक ही जारी होगा।
सामान्य श्रेणी के आवेदकों को देनी होगी 1600 फीस
एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में प्रवेश के लिए सामान्य श्रेणी के लिए 1600, जबकि एससी/एसटी, आईआरडीपी/बीपीएल आवेदकों को आवेदन फार्म के साथ आठ सौ रुपये फीस देनी होगी। इसका भुगतान डेबिट और क्रेडिट कार्ड के माध्यम से ही किया जा सकता है।
एचपीयू के प्रति कुलपति प्रो. चौहान को सेवा विस्तार
प्रदेश विश्वविद्यालय के प्रति कुलपति प्रो. राजेंद्र सिंह चौहान को दो साल का सेवा विस्तार दिया गया है। वीरवार को राजभवन ने प्रो. चौहान का कार्यकाल बढ़ाने को मंजूरी दी। उनकी सेवाएं 30 जून को समाप्त हो रही थीं। प्रो. राजेंद्र चौहान 24 मई से कार्यवाहक कुलपति के रूप में भी सेवाएं दे रहे हैं।
उनके प्रति कुलपति के पद पर सेवा विस्तार से वे फिलहाल एचपीयू के कुलपति की जिम्मेदारी का निर्वहन नई नियुक्ति होने तक करते रहेंगे। सरकार ने 24 मई को प्रो. एडीएन वाजपेयी का कार्यकाल पूरा होने के बाद प्रो. चौहान को वीसी पद की अतिरिक्त जिम्मेदारी सौंपी थी।
सरकार ने बीते बुधवार को नए कुलपति की तलाश के लिए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में सर्च कमेटी बनाई है। अब नए वीसी की नियुक्ति होने तक प्रो. चौहान ही कुलपति का कार्य देखेंगे। एक्सटेंशन के बाद वे 65 साल की उम्र या तीन साल में जो भी पहले हो, उस तक कार्यवाहक कुलपति पद पर तैनात रहेंगे। राज्यपाल के सलाहकार डॉ. शशिकांत ने चौहान तीन साल के लिए एक्सटेंशन देने की पुष्टि की है।