हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद (ईसी) ने कॉलेज छात्रों को बड़ी राहत दी है। ईसी ने जमा दो की अनुपूरक परीक्षाओं के नतीजे घोषित न होने के कारण यूजी प्रथम सेमेस्टर में सत्र 2017-18 में प्रवेश लेने की तिथि 11 जुलाई तक बढ़ा दी है। पहले प्रवेश के लिए अंतिम तिथि तीस जून थी। एक जुलाई से यूजी कोर्स की कक्षाएं शुरू होनी थीं।
विश्वविद्यालय कार्यकारी परिषद की कार्यवाहक कुलपति प्रो. राजिंद्र सिंह चौहान की अध्यक्षता में हुई बैठक में प्रदेश के दूरदराज क्षेत्र के कॉलेजों में सेल्फ फाइनांसिंग मोड पर बीसीए और बीबीए कोर्स शुरू करने को भी हरी झंडी दे दी है। इससे अब ग्रामीण क्षेत्रों के छात्र भी इन कोर्स की पढ़ाई कर सकेंगे।
15 जून की चयन समिति की सिफारिशों को ईसी सदस्यों ने स्वीकार कर विजुअल आर्ट विभाग में डा. संग्राम सिंह को सहायक आचार्य के पद पर नियुक्ति प्रदान की है। ईसी ने विश्वविद्यालय के गणित एवं सांख्यिकी विभाग में स्वयं वित्त पोषित (सेल्फ फाइनांसिंग) के तहत एमएससी सांख्यिकी विषय की वार्षिक फीस 35,000 रुपये करने का फै सला भी लिया है। बैठक में कुलसचिव डा. पंकज ललित, विधायक अनिरुद्ध सिंह, चन्द्रशेखर , डा. श्यामा जोशी, प्रो. जेबी नड्डा, प्रो. एसएस चौहान, डा. कमलकांत, प्रो. राजकीय महाविद्यालय करसोग और सदस्य राज कुमारी मौजूद रही।
तीन कॉलेजों को दी स्थायी संबद्धता
ईसी ने प्रदेश के तीन कॉलेजों राजकीय महाविद्यालय आनी (हरिपुर), राजकीय महाविद्यालय भोरंज (तरक्वाड़ी) और राजकीय महाविद्यालय जुखाला को स्थायी संबद्धता प्रदान करने का निर्णय लिया।
सेल्फ फाइनांसिंग कोर्स के मामलों पर बनाई कमेटी
विवि कार्यकारी परिषद ने विवि के सेल्फ फाइनांसिंग कोर्स में सेवाएं दे रहे कर्मचारियों की समस्याओं को जानने के लिए एक विशेष कमेटी का गठन किया। इस कमेटी में प्रो. जेबी नड्डा अध्यक्ष होंगे, जबकि प्रो. एसएस चौहान, चंद्रशेखर और ईसी मेंबर राज कुमारी इसकी सदस्य होंगी। कमेटी सेल्फ फाइनांसिंग कोर्स के कर्मचारियों से संबंधित विषयों का परीक्षण कर अपनी रिपोर्ट देगी।