उच्च शिक्षा निदेशालय ने ग्रांट इन एड पीटीए नियम 2006 में संशोधन कर दिया है। इसके तहत सेवानिवृत्त शिक्षकों को अब पीटीए पर नियुक्त नहीं किया जाएगा। पुराने नियम के तहत पीटीए पर नियुक्त शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने का कोई उल्लेख नहीं था। जिला सोलन में इस तरह के मामले सामने के बाद निदेशालय ने बदलाव किया है।
पूर्व की सरकारों ने नियमित शिक्षकों की कमी के चलते पीटीए (पेरेंट्स टीचर एसोसिएशन) के माध्यम से स्थानीय स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति की थी। साल 2006 में सरकार ने इन नियुक्तियों के लिए ग्रांट इन एड पीटीए नियम 2006 बनाए थे। नियम की सात नंबर की शर्त के तहत पीटीए पर नियुक्ति के लिए कोई आयु सीमा तय नहीं की गई थी।
सेवानिवृत्त शिक्षकों को भी नियुक्ति देने का प्रावधान किया था। अब पीटीए पर नियुक्त इन सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवाएं समाप्त करने को लेकर निदेशालय के सामने परेशानी खड़ी हो गई। ऐसे में सरकार के निर्देशानुसार निदेशालय ने नियम में संशोधन करते हुए सात नंबर की शर्त को वापस ले लिया है।
उच्च शिक्षा निदेशक अमरदेव ने बताया कि सभी कालेज प्रिंसिपलों और जिला उपनिदेशकों को नियम में किए गए संशोधन से संबंधित आदेश जारी कर दिए हैं। भविष्य में किसी भी सेवानिवृत्त शिक्षकों को पीटीए पर नियुक्त नहीं किया जा सकेगा।