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एचपी बोर्ड ने लिए 5 बड़े फैसले, नकल नहीं कर पाएंगे छात्र

Sun, 27 Nov 2016 08:47 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
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हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड की वार्षिक परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए इस बार पुख्ता प्रबंध किए जाएंगे। नकल रोकने के लिए बोर्ड ने प्राइवेट स्कूलों वाले परीक्षा केंद्रों में सीसीटीवी कैमरा लगाने अनिवार्य कर दिए हैं। बोर्ड पायलट स्तर पर यह कार्य करेगा। इसमें सफलता मिलने के बाद सरकारी स्कूलों के परीक्षा केंद्रों में भी सीसीटीवी स्थापित किए जाएंगे।
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स्कूल शिक्षा बोर्ड की बीओडी की 110वीं बैठक शनिवार को बोर्ड अध्यक्ष बलवीर तेगटा की अध्यक्षता में हुई। बैठक में वार्षिक परीक्षा में नकल रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध किए जाने पर चर्चा हुई। इसी कड़ी में प्राइवेट स्कूलों में लगने वाले सीसीटीवी कैमरे में आईपी एड्रेस होना भी अनिवार्य किया है। इससे परीक्षा में बैठे परीक्षार्थियों और ड्यूटी पर तैनात स्टाफ पर बोर्ड कार्यालय से ही निगरानी की जा सके।

बैठक में स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा, उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी, निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा, उद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय सोलन के वीसी के प्रतिनिधि डॉ. पीसी शर्मा, प्रतिनिधि वीसी हिप्र विश्वविद्यालय शिमला प्रो. कुलदीप अत्री, तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर से डॉ. एनएन शर्मा, उप रजिस्ट्रार इग्नू डॉ. विद्या भगत नेगी, कृषि विवि पालमपुर से डॉ. कमलेश सिंह, उच्चतर शिक्षा निदेशालय सहायक निदेशक डीडी कश्यप, पूर्व कुल सचिव एचपीयू शिमला मोहन झारटा, सीता राम शास्त्री और राजेंद्र सिंह आदि मौजूद रहे।
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बैठक में ये भी हुए फैसले

1. बोर्ड परीक्षा संचालन और मूल्यांकन के लिए आवंटित कार्य अध्यापकों को अनिवार्य रूप से निपटाना पड़ेगा। इसके लिए राज्य सेकेंडरी शिक्षा कोड के नियम 2.20 में प्रावधान किए जाने की सरकार को सिफारिश की गई। इसके तहत ड्यूटी मिलने पर स्कूल प्रमुखों को अध्यापकों को तुरंत रिलीव करना होगा।

2. दिए गए मापदंडों को पूरा करने वाले बोर्ड से संबद्घता प्राप्त प्रतिष्ठित सरकारी अथवा निजी स्कूल में एसओएस के लिए अध्ययन केंद्र स्थापित किए जा सकेंगे। इससे पहले जिला मुख्यालयों एवं उपमंडल मुख्यालयों में स्थापित स्कूलों को ही इस दायरे में लाया गया था।                   

3. छठी से दसवीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को फाइनांशियल एजूकेशन का पाठ्यक्रम शामिल किया जाएगा। यह एनसीईआरटी ने तैयार किया है। यह पाठ्यक्रम वर्तमान विषयों के साथ अलग अध्याय के रूप में जोड़ा जाएगा।       
            
4. धर्मशाला स्थित टीचर्स होम की नए सिरे से मरम्मत की जाएगी। साथ ही साज-सज्जा का भी काम किया जाएगा।   
               
5. बोर्ड के अधिकारियों और कर्मचारियों की सेवा शर्तों के नियमों के संकलन और अपडेेट करने के लिए एक बोर्ड स्तरीय उप समिति का गठन किया गया। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों की सेवा शर्तों के लिए भी अधिकारी स्तर की कमेटी बनाई। कमेटी निश्चित समय में बोर्ड को अपनी रिपोर्ट प्रस्तुत करेगी।   
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