प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने दसवीं के सैकड़ों छात्रों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। जी हां, बोर्ड ने बिना किसी पूर्व सूचना के सितंबर में होने वाली दसवीं कक्षा की अनुपूरक परीक्षा को जून माह में ही करवा दिया। बोर्ड के इस फैसले से प्रदेशभर के सैकड़ों छात्र इंप्रूवमेंट परीक्षा देने से वंचित रह गए।
परीक्षार्थियों ने इसके लिए शिक्षा बोर्ड कार्यालय में प्रति पेपर साढ़े पांच सौ रुपये भारी भरकम शुल्क का भुगतान किया था। इसके साथ ही ग्यारहवीं कक्षा में प्रवेश लेने के बावजूद इंप्रूवमेंट की परीक्षा के लिए विद्यार्थियों ने दिन-रात पढ़ाई की थी। सितंबर माह के इंतजार में बैठे विद्यार्थियों को जब पता चला कि इंप्रूवमेंट की परीक्षा जून माह में ही हो गई है तो उनके होश उड़ गए।
विद्यार्थियों ने इस बारे में शिक्षा बोर्ड कार्यालय से लिखित में पत्राचार भी किया, लेकिन बोर्ड कार्यालय ने सितंबर माह में इंप्रूवमेंट परीक्षा नहीं करवाने का बयान देकर विद्यार्थियों की अंक बढ़ाने की आस पर पानी फेर दिया। बोर्ड का कहना है कि सितंबर माह में एसओएस की परीक्षाएं करवाई जाएंगी, जिस कारण इंप्रूवमेंट की परीक्षा करवाना संभव नहीं।