फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गेस्ट टीचरों पर सरकार को झटका, HC ने रद्द किए दोबारा नियुक्ति के शासनादेश

Wed, 10 Aug 2016 11:48 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, नैनीताल
विज्ञापन
टीचर - फोटो : demo pic
विज्ञापन
अतिथि शिक्षकों के मामले में प्रदेश सरकार को करारा झटका लगा है। इससे सरकार पर लगातार दबाव बनाए हुए अतिथि शिक्षक भी खासे मायूस होंगे, हालांकि इनको इस सत्र के लिए राहत मिल गई है। बुधवार को मामले की सुनवाई करते हुए अतिथि शिक्षकों की दोबारा नियुक्ति के सभी शासनादेशों को हाईकोर्ट ने निरस्त किया है।
विज्ञापन


कोर्ट ने कहा है कि 31 मार्च 2017 तक सरकार अतिथि शिक्षकों को अस्थायी रूप से रख सकती है। सरकार चाहे तो सेवानिवृत्त शिक्षकों की सेवा भी ले सकती है। कोर्ट ने स्थायी पदों पर भर्ती की जो प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द कार्यवाही करने को कहा है।

न्यायमूर्ति सुधांशु धूलिया की एकलपीठ ने बुधवार को हल्द्वानी निवासी आलोक परमार की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में कहा गया कि सरकार ने 25 मई 2016 को गेस्ट टीचरों की दोबारा नियुक्ति के लिए शासनादेश जारी किया था।
विज्ञापन

उत्तराखंड में एक लाख से अधिक बीएड बेरोजगार

नैनीताल हाईकोर्ट - फोटो : PTI
याचिकाकर्ता के मुताबिक यह पूरी तरह से गलत है। सरकार ने 6214 अतिथि शिक्षकों के दबाव में आकर यह फैसला किया है। 25 मई 2016 को शासनादेश जारी कर इन अतिथि शिक्षकों को फिर से नये सत्र के लिए नियुक्तियां दे दी गईं।

प्रदेश में इस समय एक लाख से अधिक बीएड बेरोजगार हैं। इतनी अधिक संख्या होते हुए भी इन प्रशिक्षित युवाओं की अनदेखी की जा रही है। याचिका में यह भी कहा गया कि अतिथि शिक्षकों का ब्लॉक स्तर पर चयन हुआ है। नए शासनादेश में इन अतिथि शिक्षकों को ब्लॉक के अलावा मंडल स्तर पर भी समायोजित किया गया है।
विज्ञापन

2017 तक अस्थायी रूप से रख सकती है सरकार

कोर्ट
सरकार की ओर से कहा गया कि अतिथि शिक्षकों की वजह से प्रदेश सरकार दूरदराज के इलाकों में भी शिक्षकों की कमी को पूरा कर पा रही है। हाईकोर्ट की एकलपीठ ने सरकार की ओर से अतिथि शिक्षकों की दोबारा नियुक्ति के लिए 25 मई 2016 को जारी सभी शासनादेश निरस्त कर दिए।

कोर्ट ने कहा है कि 31 मार्च 2017 तक सरकार चाहे तो अस्थायी रूप से इन शिक्षकों को रख सकती है। कोर्ट ने स्थायी पदों पर भर्ती की जो प्रक्रिया के तहत जल्द से जल्द कार्यवाही करने को कहा है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें