प्रदेश सरकार ने बीएएमएस कोर्स की फीस में दस प्रतिशत की बढ़ोतरी कर दी है। बीएएमएस की फीस जहां स्टेट कोटे के अनुरूप करीब 1,75000 रुपये ली जा रही थी, वहीं 2019 में इसे लगभग 2,50000 कर दिया गया है। मैनेजमेंट कोटे की फीस करीब 2,20,000 थी। अब इसे लगभग 3,00,000 कर दिया गया है।
आयुर्वेद कॉलेज पपरोला के प्रधानाचार्य डॉ. नरेश शर्मा ने फीस बढ़ने की पुष्टि करते हुए कहा कि इसमें आंशिक बढ़ोतरी की गई है। दूसरी ओर एबीवीपी की प्रांत इकाई ने इस फीस बढ़ोतरी का विरोध किया है। इन दिनों चल रहे मेडिकल कोर्स के दाखिलों में जिस तरह से फीस ली जा रही है, यह सीधे तौर पर शिक्षा का बाजारीकरण है, आम लोगों की पहुंच से शिक्षा दूर होती जा रही है।
एबीवीपी के प्रांत मंत्री राहुल राणा का आरोप है कि आरोप यह भी है कि फीस का बोझ डालने के साथ ही एक निजी कालेज को 19 सीट को कॉलेज को अपने स्तर पर भरने की खुली छूट दे दी गई है।
उन्होंने बढ़ाई गई फीसों को वापस लेने और शिक्षा के बाजारीकरण को तुरंत बंद किए जाने की प्रदेश सरकार से मांग की है। जल्द से जल्द बढ़ी हुई फीसों को वापस लिया जाए ताकि हिमाचल प्रदेश में शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगा दी गई है।