एचपीयू में नया सत्र शुरू होने वाला है लेकिन अभी तक शिक्षक भर्ती अटकी हुई है। अगस्त में कक्षाएं शुरू होने वाली है। स्थायी भर्ती प्रक्रिया शुरू करने की जगह विश्वविद्यालय प्रशासन ने इवनिंग स्टडीज डिपार्टमेंट (इवनिंग कॉलेज) से काम चलाने को गेस्ट फैकल्टी के साक्षात्कार की प्रक्रिया शुरू कर दी है।
इससे जाहिर है कि शिक्षक भर्ती की प्रक्रिया इतनी जल्दी शुरू नहीं होने वाली। पहले मामला न्यायालय में होने के कारण और उसके बाद लोकसभा चुनाव के चलते भर्ती प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी। विश्वविद्यालय के कई विभागों और अपने संस्थानों में ढाई सौ से अधिक शिक्षकों के पद खाली हैं।
गेस्ट फैकल्टी के सहारे ही विश्वविद्यालय पिछले करीब दस साल से शिक्षण कार्य चला रहा है। सर्वोच्च न्यायालय का 200 प्वाइंट आरक्षण रोस्टर कैसे लागू होगा, इस पर ही विश्वविद्यालय न तो फैसला ले पाया है और न ही इसकी रूपरेखा को अंतिम रूप दे पाया है।
शिक्षकों की तैनाती न होने के कारण विवि के विभागों में शोध गतिविधियां भी किस न किसी रूप में प्रभावित हो रही हैं। शिक्षक भर्ती कब शुरू होगी, विवि प्रशासन इस पर फिलहाल कुछ भी कहने की स्थिति में नहीं है।
ईसी से अलग से प्रोफेसर, सहायक आचार्य और सह-आचार्य के 39 से अधिक पद सृजित कर भरने की अनुमति जरूर मिली है, मगर इन भर्तियों के लिए प्रक्रिया शुरू नहीं हुई है।