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शैक्षणिक रूप से पिछड़े इन जिलों में खोले जाएंगे मॉडल कॉलेज

Fri, 11 Aug 2017 01:31 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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शैक्षणिक रूप से पिछड़े जिलों चंबा और सिरमौर में एक-एक मॉडल डिग्री कॉलेज खोला जाएगा। राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान के अप्रूवल बोर्ड ने चंबा के नील कोठी और सिरमौर के सराहां में मॉडल कॉलेज खोलने की मंजूरी दे दी है।
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केंद्र सरकार ने देश के उन जिलों में मॉडल कॉलेज स्थापित करने का फैसला लिया है, जहां उच्च शिक्षा में ग्रास एनरोलमेंट रेश्यो (जीईआर) राष्ट्रीय औसत 12.4 फीसदी (2001 के अनुसार) से नीचे है। केंद्र सरकार की इस योजना के तहत प्रदेश को दो मॉडल कॉलेज मिले हैं।

प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए केंद्र द्वारा इन दोनों कॉलेजों में विद्यार्थियों को तमाम तरह की सुविधाएं मुहैया करवाई जाएंगी। दोनों कॉलेजों में अंडर ग्रेजुएट के सभी कोर्सेज पढ़ाएं जाएंगे। कॉलेज कैंपस में छात्र-छात्राओं के लिए हॉस्टल भी बनाए जाएंगे। लैब में आधुनिक उपकरण होंगे।
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मॉडल कॉलेज में स्टाफ की कमी नहीं आने दी जाएगी। केंद्र सरकार से मॉडल कॉलेज बनाए जाने की मंजूरी मिलने के बाद उच्च शिक्षा निदेशालय ने इस संदर्भ में कार्य करना शुरू कर दिया है। नील कोठी और सराहां मॉडल कॉलेज बनाने के लिए भूूमि का इंतजाम लगभग पूरा कर लिया गया है।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल विंटा ने बताया कि प्रदेश में दो मॉडल कॉलेज खोलने के लिए निदेशालय की ओर से सभी औपचारिकताओं को पूरा किया जा रहा है। दोनों जिलों के विद्यार्थी मॉडल कॉलेज खुलने से लाभान्वित होंगे।

विद्यार्थियों को गुणात्मक शिक्षा प्राप्त करने के लिए दूसरे क्षेत्रों में नहीं जाना पड़ेगा। वीरवार को राज्यसभा में मानव संसाधन राज्य मंत्री डॉ. महेंद्र नाथ पांडेय ने सांसद विप्लव ठाकुर के एक सवाल के जवाब में चंबा और सिरमौर में एक-एक मॉडल कॉलेज खोलने की जानकारी दी।

केंद्रीय राज्य मंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय उच्चतर शिक्षा अभियान का उद्देश्य राज्यों में उच्च शिक्षा के प्रसार-प्रचार को बढ़ावा देना में सहायता उपलब्ध करवाना है।
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