प्रदेश में इंजीनियरिंग, एमबीए और एमसीए की पढ़ाई के प्रति युवाओं का रुझान घट गया है। हिमाचल प्रदेश तकनीकी विश्वविद्यालय हमीरपुर में बीटेक, बी-फार्मेसी, एमबीए और एमसीए के दो चरणों की काउंसलिंग और दस जमा दो मेरिट के आधार पर काउंसलिंग के बाद भी सरकारी-गैर सरकारी महाविद्यालयों में सैकड़ों सीटें खाली हैं। अब ये सीटें स्पॉट एडमिशन से भरी जाएंगी।
हालांकि कॉलेजों में कक्षाएं तकनीकी विवि के प्रोस्पेक्टस और एआईसीटीई के नियमों के मुताबिक एक अगस्त से शुरू हो चुकी हैं। लेकिन अधिकतर कॉलेजों में सीटें खाली रहने से परेशानी खड़ी हो गई है। इन सीटों को भरने के लिए अब स्पॉट एडमिशन राउंड 8 अगस्त से शुरू हो रहा है।
20 जून से तकनीकी विवि का प्रथम काउंसलिंग चरण शुरू हुआ था। अब 8 अगस्त को बी-फार्मेसी डायरेक्ट और लेट्रल एंट्री, 9 अगस्त को बीटेक डायरेक्ट और लेट्रल, 10 अगस्त को एमटेक, एम फार्मेसी, एमसीए और एमबीए की स्पॉट एडमिशन होगी।
उधर, हिप्र तकनीकी विवि के रजिस्ट्रार एवं डीन अकादमिक डा. एनएन शर्मा ने कहा कि जो भी विद्यार्थी महाविद्यालय में प्रवेश का इच्छुक हो, वह स्पॉट एडमिशन में भाग ले सकता है। उन्होंने बताया कि स्पॉट एडमिशन के लिए विद्यार्थियों को ऑनलाइन आवेदन करने की आवश्यकता नहीं।
आर्किटेक्चर कॉलेज में भी 8 सीटें खाली
वहीं राजीव गांधी इंजीनियरिंग महाविद्यालय नगरोटा बगवां में इस सत्र से शुरू आर्किटेक्चर कॉलेज में भी आठ सीटें आरक्षित वर्ग की खाली रह गई हैं। आर्किटेक्चर विभाग के लिए काउंसलिंग 3 अगस्त को हुई थी। इन सीटों को अब 8 अगस्त को सामान्य वर्ग से भरा जाएगा।