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बीएड कॉलेजों पर सरकार मेहरबान, वसूल रहे पांच गुणा ज्यादा फीस

Wed, 20 Jul 2016 12:01 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
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हिमाचल में बीएड कोर्स दो साल हो गया है, लेकिन अभी तक प्रदेश सरकार निजी बीएड कॉलेजों की फीस तय नहीं कर पाई है। सरकार की कृपा का खामियाजा प्रदेश भर से इन कॉलेजों में बीएड कोर्स में प्रवेश लेने वाले छात्रों को अधिक फीस के रूप में चुकाकर भुगतना पड़ रहा है।
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उन्हें पांच गुणा से भी ज्यादा फीस चुकानी पड़ रही है। निजी बीएड कॉलेज पूर्व में एक साल के लिए तय सालाना फीस की अधिसूचना को ही आधार मान का वार्षिक 46700 रुपये फीस वसूल रहे हैं, जो कोर्स के दो साल का होने पर करीब करीब एक लाख बन रही है।

वहीं, विश्वविद्यालय के शिक्षा विभाग और धर्मशाला स्थित गर्वमेंट शिक्षा कॉलेज में यही दो साल का कोर्स महज 17100 (छात्र ) और 14,900 (छात्रा) की फीस पर हो रहा है।
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सरकार की लापरवाही का फायदा उठाकर वसूल रहे ज्यादा फीस

निजी बीएड कॉलेजों के लिए सरकार की ओर से फीस तय न होने पर निजी कॉलेजों ने 2013 की ही अधिसूचना को आधार मानकर कोर्स दो साल का होने पर इसे दोगुना कर वसूलना शुरू कर दिया। कायदे से कोर्स के दो साल का होने पर फीस में छात्रों को काफी रियायत मिलनी चाहिए थी।

मगर निजी बीएड कॉलेजों को नए फीस स्ट्रक्चर के ताजा आदेश व अधिसूचना जारी न होने से दोगुनी फीस वसूल करने का मौका मिल गया है। शिक्षा के निजीकरण का इससे बड़ा शायद ही कोई उदाहरण मिले, जिसमें सरकारी और निजी बीएड कॉलेजों के एक ही कोर्स की फीस में 76300 का अंतर आ गया है।

इससे पहले भी पिछले सत्र में बीएड कोर्स के दो साल का होने पर खाली रही निजी बीएड कॉलेजों की सीटों को भरने के लिए भी सरकार ने प्रवेश परीक्षा में अपीयर होेने की अनिवार्य शर्त में ढील देकर मेहरबानी की थी।
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अधिसूचना के मुताबिक ही ले रहे फीस : एसोसिएशन

इधर, निजी बीएड कॉलेज एसोसिएशन के अध्यक्ष आरके शांडिल का कहना है कि वे 20 अप्रैल 2013 को शिक्षा विभाग द्वारा तय निजी बीएड कॉलेजों के फीस स्ट्रक्चर के मुताबिक ही वार्षिक 46,700 फीस ले रहे हैं।

कोर्स दो साल का होने पर पूरे कोर्स की करीब एक लाख फीस ली जा रही है। उनका तर्क है कि तीन साल तक फीस की तय दरें लागू रहती हैं। वहीं उनका यह भी कहना है कि सरकार ने जल्द नया फीस स्ट्रक्चर तय करने का भरोसा भी दिया है।

74 निजी बीएड कॉलेज हैं प्रदेश में
प्रदेश के दो सरकारी और एचपीयू से संबद्ध 74 निजी बीएड कॉलेज चल रहे हैं, जिसमें करीब साढ़े आठ हजार सीटें हर साल भरी जा रही है। 2015 में कोर्स को दो साल किया गया है।
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