संस्कृत में पीएचडी करने वाले छात्रों को अब यह सुविधा गोबिंद जीवन आश्रम परौर (पालमपुर) में मिलेगी। आश्रम में जल्द संस्कृत का महाविद्यालय खोला जाएगा। मंत्रिमंडल ने इसे मंजूरी दे दी है। साथ ही इसका एनओसी भी जारी कर दिया है। अब कॉलेज जल्द काम करना शुरू करेगा। कॉलेज में संस्कृत करने वाले छात्र जमा एक से लेकर पीएचडी कर सकते हैं। छात्रों को खाने और रहने की सुविधा मुफ्त दी जाएगी।
संस्कृत की पढ़ाई करने वाले छात्रों को अब गोबिंद जीवन आश्रम परौर में शिक्षा मिलेगी। आश्रम में संस्कृत का महाविद्यालय खोला जाएगा। इसमें सौ सीटों का प्रावधान किया है। छात्र जमा एक से लेकर पीएचडी तक पढ़ाई कर सकेंगे। गोबिंद जीवन आश्रम संस्कृत महाविद्यालय संस्था ने कई दिनों से सरकार के पास संस्कृत महाविद्यालय को आवेदन किया था, लेकिन अब मंत्रिमंडल बैठक में सरकार ने इसे मंजूरी दे दी है। इससे आश्रम में कॉलेज खोलने की राह आसान हो गई है।
इस महाविद्यालय में सबसे बड़ी बात यह होगी कि महाविद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों की कोई फीस नहीं होगी। उनके रहने और खाने का प्रबंध भी मुफ्त होगा। किताबें भी आश्रम की ओर से दी जाएंगी, जबकि इलाके में संस्कृत की पीएचडी करने वाला यह इलाके में पहला महाविद्यालय होगा।
कॉलेज खुलने से खासकर जिला कांगड़ा के छात्रों को संस्कृत की पढ़ाई करने में काफी मदद मिलेगी। संस्था के अध्यक्ष प्रदीप ठाकुर ने कहा कि गोबिंद जीवन आश्रम में संस्कृत कालेज खोलने की मंजूरी सरकार ने दी है। अब इसकी औपचारिकताएं पूरी कर कॉलेज खोल दी जाएगा।
प्रदेश सरकार ने दी है मंजूरी: परमार
स्वास्थ्य मंत्री विपिन सिंह परमार ने कहा कि गोबिंद जीवन आश्रम संस्कृत महाविद्यालय संस्था के लोगों ने उनके सामने यह मामला उठाया था। इसे उन्होंने मंत्रिमंडल बैठक में रखा था, जिस पर सरकार ने मंजूरी दे दी है।