अभ्यर्थी डीएलएड सीईटी-2016 के लिए केवल ऑनलाइन ही आवेदन कर सकते हैं।
हिमाचल के 12 डाइट संस्थानों और 29 निजी शिक्षण संस्थानों में शैक्षणिक सत्र 2016-18 में दो वर्षीय डीएलएड (डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन) में प्रवेश के लिए प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने सीईटी (कॉमन एंट्रेंस टेस्ट) का शेड्यूल जारी कर दिया है। इसके मुताबिक 24 जून तक इसके लिए अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। दस जुलाई को विभिन्न परीक्षा केंद्रों में टेस्ट लिया जाएगा।
अभ्यर्थी डीएलएड सीईटी-2016 के लिए केवल ऑनलाइन ही आवेदन कर सकते हैं। ऑफलाइन आवेदन स्वीकार नहीं किए जाएंगे। ऑनलाइन आवेदन के लिए सामान्य जाति वर्ग के लिए 600 रुपये फीस निर्धारित की गई है, जबकि एससी, एसटी, ओबीसी और फिजिकली हैंडीकैप अभ्यर्थियों को 400 रुपये शुल्क देना होगा।
उधर, स्कूल शिक्षा बोर्ड सचिव डॉ. मेजर विशाल शर्मा ने बताया कि 10 जुलाई को बोर्ड डीएलएड सीईटी-2016 लेगा। इसके लिए 24 जून तक अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा प्रदेश भर के विभिन्न परीक्षा केंद्रों में सुबह दस से एक बजे तक ली जाएगी। इससे संबंधित पूरी जानकारी बोर्ड की वेबसाइट www.hpbose.org पर डाल दी गई है।
अब होता है डीएलएड का कोर्स
प्राथमिक अध्यापक के लिए पहले एक वर्षीय जेबीटी कोर्स करवाया जाता था, लेकिन पिछले शैक्षणिक सत्र से प्राथमिक टीचर बनने के लिए दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन का कोर्स करवाया जा रहा है।
निजी शिक्षण संस्थानों को नहीं मिल रहे जेबीटी प्रशिक्षु
प्राइवेट शिक्षण संस्थानों की अब भी 488 सीटें खाली हैं।
प्रदेश में जेबीटी एक वर्षीय कोर्स का शेड्यूल बदलकर इसे दो वर्षीय डिप्लोम इन एलीमेंटरी एजूकेशन करने का प्राइवेट संस्थानों पर खासा प्रभाव पड़ा है। इसी का नतीजा है कि प्रदेश के दो दर्जन से भी अधिक निजी शिक्षण संस्थानों को प्रशिक्षु नहीं मिल रहे हैं।
सूचना के अनुसार बोर्ड प्रदेश के 12 सरकारी शिक्षण संस्थानों (डाइट) और 29 निजी शिक्षण संस्थानों में डीएलएड-2015-16 के पहले बैच के लिए चार बार काउंसलिंग कर चुका है। इससे सरकारी शिक्षण संस्थानों की तो सभी सीटें भर गई हैं, लेकिन प्राइवेट शिक्षण संस्थानों की अब भी 488 सीटें खाली हैं। इसमें 164 सब्सिडाइज और 324 नॉन सब्सिडाइज हैं।
पूर्व में प्राइमरी टीचर के लिए एक वर्षीय जेबीटी कोर्स करवाया जाता था। इसके बाद प्रशिक्षु प्राइमरी स्कूल में पढ़ाने की योग्यता रखता था। बाद में टेट की शर्त लागू कर दी गई। एक वर्षीय जेबीटी कोर्स के लिए प्रदेश के युवाओं में खासा क्रेज रहता था। पहले चरण की काउंसलिंग में सभी सीटें भर जाती थीं।
2015-17 के बाद जेबीटी का एक वर्षीय कोर्स की बजाय इसे दो वर्षीय डिप्लोमा इन एलीमेंटरी एजूकेशन कर दिया गया। बोर्ड 2015-17 का डीएलएड का पहला बैच बैठा रहा है। इसके लिए बोर्ड चार बार काउंसलिंग कर चुका है।
फिर भी पांच सौ के करीब सीटें खाली हैं। वर्तमान में प्रदेश में 12 डाइट और 29 निजी शिक्षण संस्थानों में कुल मिलाकर 275 सीटें हैं। इनमें सरकारी 12 डाइट की तो सभी सीटें भर गई हैं, लेकिन प्राइवेट शिक्षण संस्थानों की सीटें खाली हैं।
बोर्ड करेगा पांचवें चरण की काउंसलिंग
निजी शिक्षण संस्थानों में खाली सीटें भरने को बोर्ड पांचवें चरण की काउंसलिंग कर रहा है। अभ्यर्थी 20 जून तक आवेदन कर सकते हैं। यह काउंसलिंग का अंतिम चरण है। इसके बाद बोर्ड काउंसलिंग नहीं करेगा। -डॉ. मेजर विशाल शर्मा
अनुपूरक परीक्षा का परिणाम तीस को निकलेगा
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड
हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड कंपार्टमेंट परीक्षार्थियों की अनुपूरक परीक्षा का परीक्षा का परिणाम तीस जून तक घोषित करेगा। शिक्षा बोर्ड के सचिव डा. विशाल शर्मा ने कहा कि बोर्ड की ओर से मार्च में संचालित जमा दो परीक्षा से संबंधित परीक्षार्थियों के
रिवेल्यूवेशन और रिचेकिंग का रिजल्ट पहली बार रिकॉर्ड समय में दस जून को घोषित कर दिया गया है। परीक्षार्थियों का अपडेटेट डाला जेईई 2016 की पास प्रतिशतता के दृष्टिगत केंद्रीय माध्यमिक विद्यालय बोर्ड को उपलब्ध करवा दिया गया है।