बीते डेढ़ साल से फाइलों में बन रहा कलस्टर विश्वविद्यालय मंडी आगामी सौ दिनों में काम करना शुरू कर देगा। जयराम सरकार बनते ही शिक्षा विभाग इस प्रस्ताव को लेकर सतर्क हो गया है। कलस्टर विश्वविद्यालय के तहत मंडी, बासा, सुंदरनगर और नारला कॉलेजों में पीजी के कई कोर्स शुरू किए जाने हैं।
केंद्र सरकार ने रूसा के तहत हिमाचल के लिए एक कलस्टर विश्वविद्यालय मंजूर करते हुए 27 करोड़ की पहली किस्त भी जारी कर दी है, लेकिन पूर्व की कांग्रेस सरकार की सुस्त कार्यप्रणाली के चलते मामला डेढ़ साल तक लटका रहा।
अब मंडी से प्रदेश का मुख्यमंत्री बनते ही शिक्षा विभाग ने कलस्टर विश्वविद्यालय जल्द शुरू करने के लिए कमर कस ली है। बुधवार को विभाग द्वारा जारी सौ दिनों के एक्शन प्लान में कलस्टर विश्वविद्यालय को शुरू करने को प्राथमिकता बताया गया है।
इसके अलावा शिक्षा विभाग द्वारा सौ दिनों के लिए तैयार किए गए एजेंडे में तबादला नीति को पारदर्शी बनाने, पेंडिंग कोर्स केसों को समाप्त करना, प्रदेश के 50 फीसदी कॉलेजों में वाई फाई सुविधा देना, निजी शिक्षण संस्थानों के लिए नीति निर्धारित करने सहित कुल 15 बिंदु शामिल किए गए है।
स्कूली शिक्षा में गुणात्मकता लाने के लिए एसईआरटी और डाइट को मजबूत करने की बात कही गई है। स्कूली बच्चों को परिवहन सेवा और सामाजिक सुरक्षा देना भी सौ दिनों के एजेंडे में शामिल किया गया है। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में शिक्षकों की उपस्थिति सुनिश्चित बनाने के लिए बायोमीट्रिक मशीनें लगाने की बात भी कही गई है।