फीस जमा करवाने के दौरान दस्तावेजों की जांच की गई। इसमें भी छात्रा के दस्तावेज सही पाए गए। उसके बाद कक्षाएं शुरू हो गईं और छात्रा ने तीन दिन क्लास भी लगाई। अब विभाग दावा कर रहा है कि विभाग ने फिर सभी छात्रों के दस्तावेज जांच, तो उसमें मामला पकड़ में आया। इसके बाद छात्रा की एडमिशन रद्द की गई।
उधर, एमएसडल्ब्यू विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर शबाब अहमद ने कहा कि विभाग में सभी छात्रों के दस्तावेज की जांच होती है, जिसमें छात्रा अपात्र पाई गई। वहीं, सीयू के कुलपति डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण छात्रा का फॉर्म प्रवेश परीक्षा के लिए स्वीकृत हुआ था।
जिस दस्तावेज की जांच में सुधार किया गया। बता दें कि एमएसडब्ल्यू में सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए पात्रता 50 प्रतिशत है, जबकि छात्रा के 42 प्रतिशत नंबर थे। सीयू में इससे पहले भी मैथ डिपार्टमेंट में एक अपात्र छात्र का दाखिला हुआ था। उस छात्र ने एक साल तक कक्षाएं लगाई थी। इसके बाद उसका दाखिला रद्द किया गया था।