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सीयू का कारनामा: अपात्र छात्रा को दे दिया दाखिला

Mon, 13 Aug 2018 11:19 AM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, धर्मशाला
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सीयू के नाम एक और कारनामा दर्ज हो गया है। विवि में अपात्र छात्रा को दाखिला देने का मामला सामने आया है। इसे दाखिला दे दिया गया और तीन दिन कक्षाएं लगाने के बाद अचानक छात्रा का दाखिला रद्द कर दिया गया। इससे सीयू की कार्यप्रणाली सवालों को घेर में आ गई है।

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छात्रा ने दाखिला मिलने के बाद धर्मशाला में पीजी तक ले लिया था। अचानक एडमिशन रद्द होने के कारण छात्रा भी सकते में आ गई। सीयू के मास्टर ऑफ सोशल वर्क में दिल्ली की छात्रा ने ऑनलाइन आवेदन किया। इसमें छात्रा ने अपने दस्तावेज का ब्योरा भरा था। मास्टर ऑफ सोशल वर्क की प्रवेश परीक्षा के लिए 50 प्रतिशत अंक स्नातक में होना अनिवार्य था।

इस छात्रा के अंक कम थे। बावजूद सीयू ने छात्रा की एप्लीकेशन स्वीकार कर ली। इसके बाद छात्रा ने प्रवेश परीक्षा दी और उसमें पास हो गई। सीयू के एमएसडब्ल्यू विभाग ने मेरिट लिस्ट जारी की। इसमें छात्रा का नाम भी शामिल था। उसके बाद छात्रा ने धर्मशाला में आकर एडमिशन फीस जमा की। रहने के लिए पीजी भी ले दिया।

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इससे पहले भी हुआ है मामला

फीस जमा करवाने के दौरान दस्तावेजों की जांच की गई। इसमें भी छात्रा के दस्तावेज सही पाए गए। उसके बाद कक्षाएं शुरू हो गईं और छात्रा ने तीन दिन क्लास भी लगाई। अब विभाग दावा कर रहा है कि विभाग ने फिर सभी छात्रों के दस्तावेज जांच, तो उसमें मामला पकड़ में आया। इसके बाद छात्रा की एडमिशन रद्द की गई।

उधर, एमएसडल्ब्यू विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर शबाब अहमद ने कहा कि विभाग में सभी छात्रों के दस्तावेज की जांच होती है, जिसमें छात्रा अपात्र पाई गई। वहीं, सीयू के कुलपति डा. कुलदीप चंद अग्निहोत्री ने कहा कि तकनीकी खराबी के कारण छात्रा का फॉर्म प्रवेश परीक्षा के लिए स्वीकृत हुआ था।

जिस दस्तावेज की जांच में सुधार किया गया। बता दें कि एमएसडब्ल्यू में सामान्य श्रेणी के छात्रों के लिए पात्रता 50 प्रतिशत है, जबकि छात्रा के 42 प्रतिशत नंबर थे। सीयू में इससे पहले भी मैथ डिपार्टमेंट में एक अपात्र छात्र का दाखिला हुआ था। उस छात्र ने एक साल तक कक्षाएं लगाई थी। इसके बाद उसका दाखिला रद्द किया गया था।
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