मार्च माह से शुरू हो रही स्कूल शिक्षा बोर्ड परीक्षाओं में नकल रोकने के लिए गठित उड़नदस्तों पर तीसरी आंख का पहरा रहेगा। यह पहरा विभिन्न परीक्षा केंद्रों में लगाए गए सीसीटीवी कैमरों के जरिये रहेगा। इसका मुख्य उद्देश्य परीक्षा केंद्रों में उड़नदस्तों की ओर से फैलाए जाने वाले तनाव को रोकना होगा।
शिक्षा बोर्ड ने उड़नदस्तों को निर्देश दिए हैं कि वे सिर्फ नकल रोकने के लिहाज से परीक्षा केंद्रों में दस्तक देंगे, न कि परीक्षा केंद्रों में तनाव पैदा करने के लिए। मार्च माह में शुरू होने वाली बोर्ड परीक्षाओं के लिए स्कूल शिक्षा बोर्ड उड़नदस्ते गठित करने में जुटा हुआ है।
इन उड़नदस्तों की 25 फरवरी तक स्थिति साफ हो जाएगी। वहीं इस बार एसडीएम, एडीएम और डिप्टी डायरेक्टरों के अलावा स्कूल के वाइस प्रेजीडेंट की अध्यक्षता में उड़नदस्तों का गठन होगा। एक स्कूल में एक उड़नदस्ता दो से अधिक बार दस्तक नहीं दे सकेगा। प्रदेश भर में स्थापित परीक्षा केंद्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से स्कूल शिक्षा बोर्ड वहां होने वाली गतिविधियों और उड़नदस्तों की कार्रवाई सहित अन्य गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।