प्रदेश को कैशलेस करने के लिए केंद्र सरकार के आदेशानुसार अब स्कूलों, कॉलेजों और यूनिवर्सिटी में कैशलेस तकनीक अपनाने का पाठ पढ़ाया जाएगा। डिजिटल प्रणाली अपनाने के लिए यूजीसी एक महीने का विशेष अभियान चला रहा है। इस दौरान विश्वविद्यालयों, कॉलेजों और स्कूलों में कैशलेस सुविधा लेने की ट्रेनिंग दी जाएगी।
12 जनवरी तक देशभर में वित्तीय साक्षरता अभियान चलाया जा रहा है। बुधवार को उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने इस संदर्भ में विश्वविद्यालयों के उपकुलपतियों, रजिस्ट्रार, कॉलेज प्रिंसिपलों, स्कूल प्र्रिंसिपलों और जिला उपनिदेशकों को आदेश जारी कर दिए हैं। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के जागरूक होने से परिवार और समाज में अधिक जागरूकता आएगी। 500 और 1000 रुपये के
पुराने नोट बंद होने के बाद से देश में उपजे हालात से निपटने और लोगों को कैशलेस तकनीक से जोड़ने के लिए विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विद्यार्थियों के माध्यम से जागरूकता फैलाने का फैसला लिया है। केंद्र सरकार का मानना है कि स्टूडेंट्स से बेहतर कोई भी वालंटियर नहीं हो सकता।
एक स्टूडेंट कम से कम अपने परिवार, आस पड़ोस और रिश्तेदारों को कैशलेस तकनीक से अवगत करा सकता है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए केंद्र सरकार ने शैक्षणिक संस्थानों में एक महीने तक स्टूडेंट्स को जागरूक करने के लिए प्रशिक्षण अभियान
चलाने का फैसला लिया है। अभियान के तहत स्टूडेंट्स को मोबाइल फोन और कंप्यूटर सिस्टम के माध्यम से ऑनलाइन लेनदेन करने, विभिन्न बिलों की अदायगी करने और ऑनलाइन शॉपिंग के बारे में बताया जाएगा। एक महीने तक कैशलेस तकनीक की विस्तार से जानकारी दी जाएगी।