हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से संबद्ध बीएड कॉलेजों में छात्रों को श्रेणी के लिए तय सीटें और पात्रता को निर्धारित शर्तें पूरी न कर पाने के कारण च्वॉइस के कॉलेजों में प्रवेश नहीं मिल पा रहा है। इसी कारण अब तक हुए काउंसलिंग के पहले राउंड में 2200 और दूसरे चरण में आवंटित की गई 1800 सीटों में से मंगलवार को फीस जमा करवाने को तय की गई तिथि तक सिर्फ 450 ने ही फीस जमा करवाई है।
प्रदेश भर में विवि से संबद्ध 72 निजी कॉलेजों में बाहरी राज्यों के अभ्यर्थियों के लिए तय की गई सीटें जो खाली रही हैं, उन्हें अब सामान्य श्रेणी में बदलने की तैयारी है। ताकि, बीएड प्रवेश परीक्षा में अपीयर हुए हजारों अभ्यर्थियों को अपनी च्वॉइस के कॉलेज में प्रवेश मिल सकेगा। वहीं आरक्षित वर्ग की खाली रही सीटों को भरने के लिए जल्द प्रवेश परीक्षा में 45 अंक की रखी गई पात्रता की शर्त को समाप्त करने पर जल्द फैसला ले लिया जाएगा।
जिससे अनुसूचित जाति और जनजाति वर्ग के वो छात्र जो पात्रता शर्त पूरी न करने के कारण च्वॉइस के कॉलेज में प्रवेश नहीं ले पाए हैं। वे भी पात्र हो प्रवेश ले सकेंगे। विवि प्रशासन 19 अगस्त को तीसरे चरण की काउंसलिंग के लिए ऑनलाइन आवेदन को पोर्टल फिर से खोलेगा। विवि के कंप्यूटर सेंटर इंचार्ज और ऑनलाइन काउंसलिंग का कार्य देख रहे मुकेश कुमार शर्मा ने माना कि जल्द ये फैसले लिए जाएंगे और 19 अगस्त को पोर्टल खोल दिया जाएगा।
उन्होंने कहा पोर्टल खुलने पर जिन्होंने अब तक प्रवेश को आवेदन नहीं किया है, वे आवेदन कर सकते हैं। वहीं जिन्होंने काउंसलिंग को भरे ऑनलाइन फार्म में अपनी श्रेणी, कॉलेज या स्ट्रीम गलत भरी थी, वे उसे दुरुस्त कर सकेंगे।
इसके अलावा जिन छात्रों को कॉलेजों में सीट मिल चुकी है, मगर उन्होंने च्वाइस का कॉलेज न मिलने पर फीस जमा न करवाकर प्रवेश नहीं लिया है, वे भी अपने च्वाइस का कॉलेज भर सकेंगे। उन्हें उनकी पात्रता और श्रेणी के मुताबिक फिर से सीट आवंटन की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।