बिलासपुर के लुहणू खेल मैदान में चल रहे राष्ट्रीय जनजातीय उत्सव के चौथे दिन विभिन्न राज्यों से आए कलाकारों ने शानदार प्रस्तुति देकर पंडाल में बैठे लोगों को तालियां बजाने पर मजबूर कर दिया। विभिन्न राज्यों से पहुंचे कलाकारों के नृत्य को देखकर दर्शक मंत्रमुग्ध हुए।
मध्य प्रदेश के कलाकारों ने बधाई थीम पर डांस प्रस्तुत किया, जबकि तेलंगाना ने कलाकारों ने दिमशा थीम पर नृत्य प्रस्तुत किया। जम्मू-कश्मीर से आए कलाकारों ने पहाड़ी डांस प्रस्तुत किया।
ओडिशा से आए कलाकारों ने संभलपुरी, जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने धमाली, त्रिपुरा के कलाकारों ने लेंबग बोमानी नृत्य प्रस्तुत किया। यह नृत्य फसल कटाई के बाद कीड़ों को पकड़ने के लिए किया जा जाता है।
मध्यप्रदेश के कलाकारों ने जबारा नृत्य प्रस्तुत किया। यह देवी को प्रसन्न करने के लिए किया जाता है। छत्तीसगढ़ के कलाकारों ने पंथी विषय पर डांस प्रस्तुत किया। जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने गोजरी विषय पर नृत्य प्रस्तुत किया। यह नृत्य कश्मीरी लोग मस्जिद व दरगाह में करते हैं।
ओडिशा के कलाकारों ने पाइका थीम पर नृत्य प्रस्तुत किया। यह नृत्य मार्शल आर्ट्स से संबंधित है। गुजरात के कलाकारों ने सिंद्धि धमाल के कलाकारों ने अफ्रीकी जनजाति पर आधारित नृत्य प्रस्तुत किया। इस नृत्य में कलाकारों ने सिर पर नारियल फोड़कर लोगों को हैरान कर दिया।