हिमाचल के बिलासपुर में बनने वाले पहले हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज के लिए एडमिशन शुरू हो गई है। कॉलेज का ढांचा तैयार करने में अहम भूमिका निभाने वाले एनएचपीसी और एनटीपीसी के अधिकारियों तथा कर्मचारियों के बच्चों के लिए कोर्स में सीटें रिजर्व रखी गई हैं। पहले साल कॉलेज में दो डिप्लोमा कोर्स शुरू किए जाएंगे।
इनमें सिविल और मेकैनिकल हैं। दोनों कोर्स में एनटीपीसी, एनएचपीसी के अधिकारियों व कर्मचारियों के बच्चों के लिए 15-15 फीसदी सीटें आरक्षित होंगी। डिप्लोमा कोर्स की कक्षाएं नगरोटा बगवां में जल्द शुरू होंगी। जुलाई से काउंसिलिंग होगी। कोर्स के लिए 60-60 सीटें रखी गई हैं।
तकनीकी शिक्षा विभाग ने साफ किया है कि अगर आरक्षित सीटें किसी कारणवश बच जाती हैं तो उन्हें अन्य श्रेणी की सीटों में मिलाया जाएगा। बिलासपुर के बंदलाधार में देश का प्रथम हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज बन रहा है। इसका प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उद्घाटन किया है। इसी साल से दो कोर्स की कक्षाएं शुरू होंगी। ये नगरोटा बगवां में बैठेंगी।
कॉलेज के ढांचे को तैयार करने के लिए 37.5-37.5 करोड़ की राशि एनएचपीसी और एनटीपीसी द्वारा दी जाएगी। तकनीकी शिक्षा विभाग का कहना है कि जब बंदलाधार में कॉलेज कैंपस तैयार हो जाएगा, तब कक्षाओं को बिलासपुर शिफ्ट किया जाएगा। कॉलेज निर्माण को तकनीकी शिक्षा विभाग ने फर्मों और कंस्ट्रक्शन कंपनियों से प्रस्ताव मांगा है।
हाइड्रो इंजीनियरिंग कॉलेज कैंपस निर्माण की औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। कक्षाएं नगरोटा बगवां में शुरू होंगी। एनएचपीसी व एनटीपीसी के लिए 15-15 फीसदी सीटें आरक्षित हैं। अभी दो कोर्स शुरू होंगे। इनमें 60-60 सीटें रखी गई हैं। - राजेश्वर गोयल, निदेशक तकनीकी शिक्षा विभाग