हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय को कैशलेस किया जा रहा है। कुलपति प्रो. एडीएन वाजपेयी पहले ही विवि को 98 फीसदी तक कैशलेस ट्रांजेक्शन करने की बात कह चुके हैं। कैंपस में छात्रावास फीस, विभागों में ली जाने वाली फीस, जुर्माने सहित अन्य जो भी शुल्क वर्तमान में कैश में लिए जा रहे है, उसे भी कैशलेस बनाने जा रहा है।
इसके लिए परिसर में एक साथ 60 स्वेपिंग मशीनें लगाने का फैसला ले लिया गया है। परिसर सहित छात्रावासों में इन मशीनों को लगाया जाना प्रस्तावित है, जिससे छात्र बिना बैंक की कतारों और कैश काउंटर में खड़े होकर डेबिट और क्रेडिट कार्ड से सीधे एचपीयू व इससे संबद्ध संस्थानों के खातों में फीस व शुल्क जमा करवा सकेंगे।
विवि के कुलपति प्रो. एडीएयन वाजपेयी ने बताया कि स्वेपिंग मशीनों को सभी 36 से अधिक शैक्षणिक विभागों, पुस्तकालयों, परीक्षा शाखा के इवेल्यूएशन और छात्रावासों में लगाया जाना है। कैशलेस सुविधा से विवि के छात्र, शिक्षक और कर्मचारी भी लाभान्वित होंगे और उनका काम का बोझ भी कम होगा।
उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय प्रशासन फीस लेने की प्रक्रिया को भी पूरी तरह से कैश लेस बनाने के लिए कार्य कर रहा है, ताकि दूर दराज का छात्र बिना बैंक की कतारों में खड़े हो कर सीधे अपने खाते से विवि के खाते में तय फीस जमा करवा सके।
कुलपति ने परिसर में लगाई जाने वाली इन मशीनों से बैंक कार्ड स्वैप कर पर लिए जाने वाले सर्विस चार्ज न लिए जाने को लेकर रिजर्व बैंक आफ इंडिया के गवर्नर को भी पत्र लिखा है, ताकि छात्र बिना सर्विस चार्ज के फीस और अन्य शुल्क जमा करवा सके।