हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर ने समय पर परीक्षा शुल्क जमा नहीं करवाने वाले सूबे के सवा चार सौ विद्यार्थियों का रिजल्ट रोक दिया है। विश्वविद्यालय ने दिसंबर माह में वार्षिक परीक्षाओं का आयोजन किया था, जो जनवरी माह में खत्म हुईं। विवि ने संबद्ध प्रदेश के 43 महाविद्यालयों में बीटेक, बीफार्मेसी, एमबीए और एमसीए के विद्यार्थियों के लिए पहले, तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर की वार्षिक परीक्षाएं करवाईं थीं।
वार्षिक परीक्षाओं के लिए विश्वविद्यालय ने सेमेस्टर के आधार पर एक हजार से 2000 हजार रुपये परीक्षा शुल्क निर्धारित किया था। वहीं परीक्षा शुल्क जमा करवाने के लिए 31 अक्तूबर 2016 डेड लाइन निर्धारित की थी। इसके बाद शुल्क जमा करवाने वाले परीक्षार्थियों को विलंब शुल्क के साथ परीक्षा शुल्क जमा करवाना था।
लेकिन 417 विद्यार्थियों ने लेट फीस के बिना ही परीक्षा शुल्क विवि में जमा करवा किया। विश्वविद्यालय ने परीक्षा फार्मों की छंटनी की तो पाया कि सवा चार सौ विद्यार्थियों ने विलंब शुल्क जमा नहीं करवाया है। इसके चलते अब विश्वविद्यालय ने विलंब शुल्क जमा नहीं करवाने वाले विद्यार्थियों का वार्षिक परीक्षा परिणाम रोक दिया है।
हिप्र टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर के रजिस्ट्रार राकेश शर्मा ने कहा कि निर्धारित शेडयूल में फीस जमा नहीं करवाने पर विलंब शुल्क समेत फीस जमा करवानी होती है। शुल्क भरने के बाद विद्यार्थी परीक्षा परिणाम हासिल कर सकते हैं। उधर, परीक्षा नियंत्रक प्रो. वीपी
पटियाल ने कहा कि जिन विद्यार्थियों ने निर्धारित समयावधि में तय परीक्षा शुल्क जमा नहीं करवाया है, उनके रिजल्ट लेट ड्यू टू फीस (आरएलएफ) दर्शाया गया है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थी परीक्षा शुल्क जमा करवा रहे हैं, जिसके बाद रिजल्ट घोषित किया जा रहा है।