दिल्ली महिला आयोग के दखल के चलते निजी स्कूल ने 12वीं कक्षा के छात्र का एडमिट कार्ड जारी कर दिया है। पिता की मौत के बाद छह महीने तक फीस जमा न करने के कारण निजी स्कूल ने उक्त छात्र का एडमिट कार्ड रोक लिया था।
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मां ने इस संबंध में आयोग को शिकायत दी थी, जिसके आधार पर स्कूल को एडमिट कार्ड जारी करने का निर्देश दिया गया था। आयोग अध्यक्ष स्वाति मालीवाल के मुताबिक पीड़िता ने अपनी शिकायत में बाहरी दिल्ली के निजी स्कूल से अपने बेटे का एडमिट कार्ड दिलाने की मांग रखी थी।
उसने बताया कि पति की लंबी बीमारी के चलते सारा पैसा खर्च हो गया था। इलाज के लिए उन्होंने अपना घर भी बेच दिया था। इसी बीच छह महीने पहले पति की मौत हो गयी। इसपर आर्थिक स्थिति खराब होने के कारण वे स्कूल की फीस जमा नहीं कर सके थे।
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पीड़िता ने बताया कि किराये के लिए पैसे न होने के कारण ऐसे ही झुग्गी बनाकर रह रहे हैं। हालांकि बेटे को पढ़ा-लिखाकर कुछ बनाना चाहती हैं। स्वाति ने बताया कि इसी हफ्ते परीक्षा शुरू होने वाली है, इसलिए आयोग ने स्कूल प्रबंधन को नोटिस भेजा। आयोग के समक्ष स्कूल प्रिंसिपल और डायरेक्टर ने लिखित आश्वासन दिया कि वे उसे एडमिट कार्ड जारी कर देंगे। स्कूल ने आयोग के दखल से पिछले छह महीने की फीस भी माफ कर दी है।