हिमाचल में बीएएमएस और बीडीएस की 30 सीटें बढ़ गई हैं। एमबीबीएस और बीडीएस कोर्स में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों को दस फीसदी आरक्षण देने के लिए एमबीबीएस की छह सरकारी कॉलेजों में 120 सीटें बढ़ाने के बाद अब बीडीएस कोर्स की सीटें बढ़ाने को भी मंजूरी मिल गई है।सीटें बढ़ाने के डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के प्रस्ताव को केंद्र ने मंजूरी दी है।
अब शिमला स्थित डेंटल कॉलेज में भी 60 के बजाय 75 सीटें भरने का रास्ता साफ हो गया है। निदेशक चिकित्सा शिक्षा काउंसलिंग कमेटी के चेयरमैन डॉ. रवि शर्मा ने माना कि डेंटल कॉलेज में (ईडब्लूएस) आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग के अभ्यर्थियों के लिए आरक्षण लागू करने को सीटें बढ़ाने की मंजूरी मिल गई है। दूसरे दौर की काउंसलिंग में आरक्षण रोस्टर के तय नियमों के मुताबिक काउंसलिंग और प्रवेश प्रक्रिया होगी। 25 जुलाई तक स्थिति साफ हो जाएगी।
एमबीबीएस, बीडीएस काउंसलिंग कमेटी के सदस्य और डेंटल काउंसिल ऑफ इंडिया के सदस्य एवं डेंटल कॉलेज प्राचार्य डॉ. आशु गुप्ता ने कहा कि कॉलेज की सीटें अब बढ़कर 75 हो जाएंगी।उनके कॉलेज में वर्तमान में पहली काउंसलिंग और प्रवेश का दौर पूरा होने पर 60 में से 40 सीटें भरी जा चुकी हैं। सात खाली रही सीटें में सामान्य वर्ग की 5, अनुसूचित जाति की एक और जेएंडके माइग्रेंटस की एक सीट के अलावा आल इंडिया कोटे की नौ, एनआरआई की दो और शारीरिक रूप से अक्षम के लिए आरक्षित वर्ग की दो सीटें हैं।