हिमाचल प्रदेश टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर ने इंजीनियरिंग के चौदह छात्रों को निष्कासित कर दिया है। दिसंबर में आयोजित वार्षिक परीक्षाओं के दौरान नकल करने पर टेक्निकल यूनिवर्सिटी प्रशासन ने यह सख्त कार्रवाई की है। निष्कासित 14 छात्रों में से 7 विद्यार्थियों को दो सेमेस्टर के लिए बाहर कर रास्ता दिखाया गया है, जबकि 6 विद्यार्थियों को एक-एक सेमेस्टर के लिए बाहर किया गया है।
हमीरपुर के एक प्राइवेट कॉलेज में शराब पीकर परीक्षा देने आए छात्र को दो सेमेस्टर के लिए पूरे पेपर समेत निष्कासित किया गया है। इसके अलावा 37 विद्यार्थियों के संबंधित विषय के पेपर कैंसिल किए गए हैं। टेक्निकल यूनिवर्सिटी की परीक्षा अनुशासन समिति ने अनफेयर मिंस केस(यूएमसी) का निपटारा करने के लिए दो दिवसीय सुनवाई का आयोजन किया।
इस दौरान नकल करते पकड़े गए सभी 64 विद्यार्थियों को अपना-अपना पक्ष रखने के लिए बुलाया गया था। लेकिन 12 विद्यार्थियों ने समिति के समक्ष अपनी हाजिरी ही नहीं भरी। समिति ने अब 3 मार्च को दोबारा अनुपस्थित छात्रों को कमेटी के समक्ष पेश होने के फरमान जारी किए हैं।
समिति ने स्पष्ट किया है कि अगर इस दिन ये विद्यार्थी पेश नहीं हुए तो विवि एकतरफा कार्रवाई के लिए बाध्य होगा। उधर, हिप्र टेक्निकल यूनिवर्सिटी हमीरपुर की परीक्षा अनुशासन कमेटी के मेंबर सेक्रेटरी सतीश कटवाल और परीक्षा नियंत्रक प्रो. वीपी पटियाल ने कहा कि दिसंबर में आयोजित वार्षिक परीक्षा में नकल के 64 मामले बनाए गए थे। इनमें से 12 विद्यार्थी कमेटी के समक्ष पेश नहीं हुए। अब 3 मार्च को दोबारा कमेटी के समक्ष पेश होने के लिए नोटिस जारी कर दिए गए हैं।
इस तरह होती है निष्कासन की कार्रवाई
एक सेमेस्टर के लिए निष्कासित होने वाला विद्यार्थी एक वर्ष के लिए बाहर हो जाता है, जबकि दो सेमेस्टर के लिए बाहर होने वाला विद्यार्थी दो वर्ष तक परीक्षा नहीं दे सकता। टेक्निकल यूनिवर्सिटी में छह-छह माह बाद सेमेस्टर वाइज परीक्षाएं होती हैं। जून महीने में केवल दूसरे, चौथे, छठे और आठवें सेमेस्टर की परीक्षाएं होती हैं।
दिसंबर में पहले, तीसरे, पांचवें और सातवें सेमेस्टर की परीक्षाएं हुई थीं। री-अपीयर की परीक्षाएं दिसंबर 2017 में होंगी। इस तरह एक सेमेस्टर के लिए बाहर होने वाले विद्यार्थी अब दिसंबर 2018 में ही परीक्षा दे सकेंगे। इस तरह दो सेमेस्टर के लिए निष्कासित होने वाले दिसंबर 2019 में री-अपीयर की परीक्षा दे सकेंगे।