बजट सत्र से पहले या बीच में कभी भी हिमाचल प्रदेश मंत्रिमंडल का विस्तार हो सकता है। आगामी दिनों में राज्य विधानसभा उपाध्यक्ष की नियुक्ति की जानी है। उसके साथ ही दो मंत्रियों की भी नियुक्ति ही जा सकती है। राज्य मंत्रिमंडल में मंत्रियों के तीन पद रिक्त चल रहे हैं। एक मंत्री का पद फिर खाली रखा जा सकता है। सीएम सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने दो दिन पहले ही राज्य मंत्रिमंडल विस्तार के संकेत दिए थे। उसके बाद मंत्री पद के इच्छुक कुछ विधायक फिर से सक्रिय हो गए हैं।
सूत्रों के अनुसार वे मुख्यमंत्री से नजदीकियां बढ़ा रहे हैं। कुछ विधायक तो दिल्ली तक अपनी बात पहुंचा रहे हैं। सियासी विशेषज्ञों के मुताबिक सुक्खू मंत्रिमंडल विस्तार पर कभी भी निर्णय ले सकते हैं। उनके सलाहकार भी उनसे इस बारे में मंत्रणा कर रहे हैं। एक मंत्री कांगड़ा तो एक बिलासपुर से बनाया जा सकता है। जहां तक विधानसभा उपाध्यक्ष की बात है तो इस बारे में कांगड़ा और मंडी जिला के दो विधायकों के नामों पर विचार-विमर्श चल रहा है।
सोमवार से रणनीति बना सकते हैं विधायक दल
14 मार्च से शुरू होने जा रहे हिमाचल प्रदेश विधानसभा के बजट सत्र के लिए भाजपा और कांग्रेस के विधायक दल सोमवार को सदन की रणनीति बना सकते हैं। भाजपा विधायक दल तो कांग्रेस की पहले दिन ही घेराबंदी करना चाह रहा है। संस्थानों को डिनोटिफाई करने से लेकर कई अन्य मसलों पर यह सरकार को घेरने की रणनीति तैयार करेगा।